वाशिंगटन: संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच करीब तीन घंटे की बैठक हुई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की. उन्होंने बैठक को बहुत अच्छी बताया तथा कहा कि ईरान के लिए समझौता करना फायदेमंद होगा. ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ बैठे हुए पत्रकारों से कहा कि यह एक अच्छी बैठक थी... समझौता करना उनके हित में है. मैं नहीं समझ पा रहा कि वे ऐसा क्यों नहीं चाहेंगे.
उन्होंने कहा कि एक तरफ पूर्ण विनाश है, दूसरी तरफ संभावित महानता. ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, बैठक में ईरान ने सामरिक महत्व के जलडमरूमध्य होर्मुज को दोबारा खोलने के लिए अपनी शर्तें रखीं. इनमें नौसैनिक नाकाबंदी तुरंत हटाना, जमे हुए ईरानी संपत्तियों को जारी करना और सभी प्रतिरोध मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना शामिल है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची और अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बीच यह मुलाकात हुई.
ट्रंप ने जैरेड कुशनर और विटकॉफ से भी बैठक पर टिप्पणी मांगी. विटकॉफ ने बाद में कहा कि मैं इस समय बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं. यह बैठक तब हुई जब अमेरिका-ईरान युद्ध लगभग सात महीने पूरे होने को है. फरवरी के अंत में शुरू हुए संघर्ष ने ऊर्जा बाजारों को प्रभावित किया है और होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग प्रभावित हुई है. ट्रंप ने पहले संयुक्त राष्ट्र में भाषण देते हुए कहा था कि उनके पास बड़ा फैसला है. ईरान के साथ डील कर उसे पुनर्निर्माण का मौका देना या इस्लामी गणराज्य को पूरी तरह नष्ट कर देना.
ट्रंप ने साफ कहा कि किसी भी समझौते में ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना जरूरी है. उन्होंने जोर दिया कि हम किसी भी हाल में इसे पूरा करेंगे और जल्दी करेंगे. ईरान के लिए डील न करना समझदारी नहीं. ईरान ने भी कूटनीति के लिए तैयार रहने का संकेत दिया है. एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के अनुसार, शर्तें मानने पर तेहरान सात दिनों के अंदर होर्मुज को खाड़ी शिपिंग के लिए खोल सकता है.
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा को अमेरिका के लिए कूटनीति में लौटने का ‘सुनहरा अवसर’ बताया. अभी तक किसी ठोस समझौते का संकेत नहीं मिला है. फिर भी दोनों पक्षों के बीच यह संपर्क लंबे समय से रुकी बातचीत को फिर से शुरू करने की दिशा में एक संभावित शुरुआत माना जा रहा है. ट्रंप ने कहा कि निकट भविष्य में एक और बैठक भी तय है.