न्यूयॉर्क: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में हिस्सा लेने अमेरिका पहुंचे, लेकिन उनका स्वागत बेहद ठंडा और अपमानजनक रहा. हवाई अड्डे पर न रेड कार्पेट बिछा था और न कोई बड़ा अमेरिकी अधिकारी उनका स्वागत करने आया. साफ था कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को अमेरिका में पूछने वाला भी कोई नहीं था. इतना ही नहीं, न्यूयॉर्क की सड़कों पर उनके खिलाफ ‘चोर आया’ और ‘बूट पॉलिश’ वाले पोस्टर लगाकर रही-सही कसर भी पूरी कर दी गई.
एयरपोर्ट से लेकर सड़कों तक अपमान
शहबाज शरीफ जब न्यूयॉर्क पहुंचे तो एयरपोर्ट पर मामूली स्वागत हुआ. इसके बाद शहर की सड़कों, खासकर पेन स्टेशन के बाहर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों ने पोस्टरों से इलाका पाट दिया. इन पोस्टरों में शहबाज शरीफ को ‘चोर’ और ‘बूट पॉलिश’ कहा गया. पोस्टरों पर साफ लिखा था कि “चोरों की सरकार नामंजूर है” और यह सरकार फर्जी जनादेश से बनी है, जिसे ‘फॉर्म 47’ सरकार कहा जा रहा है.
पोस्टरों में महंगे निजी विमान की तस्वीर भी छापी गई थी. इस साल फरवरी में पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ के लिए करीब 12 अरब पाकिस्तानी रुपये का आलीशान विमान खरीदा गया था. विरोधियों का कहना है कि देश की राष्ट्रीय एयरलाइन पीआईए की बोली महज 10 अरब रुपये के आसपास लग रही है, फिर भी हुक्मरान जनता के पैसे से 12 अरब का निजी जेट उड़ा रहे हैं.
PTI समर्थकों का विरोध
पीटीआई समर्थक इमरान खान की रिहाई और देश में चल रहे दमन के खिलाफ भी नारे लगा रहे थे. ये पोस्टर अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया और राजनयिकों के बीच चर्चा का विषय बन गए हैं. कई लोग इसे शहबाज शरीफ की ‘इंटरनेशनल बेइज्जती’ बता रहे हैं. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ पहले कह चुके हैं कि अमेरिका पाकिस्तान को टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल करता है. यानी जरूरत पड़ने पर काम लेता है, फिर फेंक देता है.
शहबाज शरीफ के इस दौरे को देखकर वही बात याद आ रही है. पहले कहा जा रहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान को खास महत्व देंगे, लेकिन न्यूयॉर्क में जो नजारा दिखा, उससे साफ है कि हकीकत कुछ और ही है. शहबाज शरीफ छोटे प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिका आए हैं. देश में महंगाई, कर्ज और आर्थिक मुश्किलें पहले से चल रही हैं. ऐसे में महंगे विमान का विवाद उनके दौरे पर छा गया है.