नई दिल्ली : मध्य प्रदेश के भोपाल में नवरात्रि से पहले गरबा आयोजनों में मुस्लिम युवाओं की भागीदारी को लेकर सियासत तेज हो गई है. बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के एक बयान ने इस बहस को और गरमा दिया है. एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शर्मा ने कहा कि मुस्लिम युवक गरबा में आना चाहते हैं तो आएं, लेकिन वे अकेले क्यों आएं, अपनी बहन-बेटियों को भी साथ लेकर आएं, हमारे भी छोरे तैयार हैं. उनके इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया.
शर्मा ने अपने बयान में यह भी कहा कि गरबा में आने वालों को तिलक लगाने और जय श्रीराम बोलने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए. उन्होंने गरबा आयोजनों को धार्मिक आयोजन बताते हुए लव जिहाद का भी जिक्र किया और कहा कि ऐसे आयोजनों को तमाशा नहीं बनने दिया जाना चाहिए.
बीजेपी विधायक के बयान के बाद कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने शर्मा की भाषा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इस तरह के बयान धार्मिक माहौल को बिगाड़ने का काम करते हैं। AIMIM की ओर से भी बयान की आलोचना की गई है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब मध्य प्रदेश में गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर पहले से राजनीतिक बहस चल रही है। अलग-अलग जगहों पर पहचान-पत्र जांच और प्रवेश को लेकर भी चर्चाएं सामने आई हैं।
रामेश्वर शर्मा के बयान ने अब गरबा, धार्मिक आयोजनों में भागीदारी और राजनीतिक बयानबाजी को लेकर मध्य प्रदेश की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं.