ABVP: केरल में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर दिया है. दिल्ली यूनिवर्सिटी और चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी के बाद अब केरल के त्रिपुनिथुरा गवर्नमेंट संस्कृत कॉलेज में ABVP ने छात्रसंघ चुनाव में शानदार क्लीन स्वीप किया है. लेफ्ट संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) का चार दशक पुराना गढ़ ध्वस्त हो गया.
त्रिपुनिथुरा गवर्नमेंट संस्कृत कॉलेज में SFI का 40 साल से कब्जा था. इस बार ABVP ने सभी छह प्रमुख पदों पर कब्जा जमा लिया. स्निग्धा एम हरि चेयरपर्सन, आदित्य टी ए वाइस-चेयरपर्सन, विग्नेश भट्ट जनरल सेक्रेटरी, विग्नेश डी मैगजीन एडिटर, अंजलि टी आर्ट्स क्लब सेक्रेटरी और निवेद्या के एन यूनिवर्सिटी यूनियन काउंसलर चुने गए. शिवानी आर और अवनी सीबी भी UG और PG प्रतिनिधि बनीं.
केरल में ABVP के बढ़ते कदम
यह जीत दक्षिण भारत में RSS समर्थित छात्र संगठन के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां ABVP की पैठ पहले न के बराबर थी. ABVP नेताओं ने आरोप लगाया कि चार दशक तक राज करने के बावजूद SFI संस्कृत को बढ़ावा देने में नाकाम रहा और छात्र फंड के इस्तेमाल पर सवाल उठाए.
हाल ही में BJP ने त्रिपुनिथुरा नगरपालिका की कमान भी संभाली थी, जिससे वामपंथियों के 45 साल के शासन का अंत हुआ. ABVP नेताओं ने कहा कि यह जीत वर्षों के संघर्ष, दृढ़ता और विपरीत परिस्थितियों में डटे रहने का नतीजा है. इससे पहले ABVP ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के पद जीते थे. पंजाब यूनिवर्सिटी में भी अंकित बिढान छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए थे. केरल की यह जीत राज्य में संगठन के विस्तार का संकेत दे रही है.