नई दिल्ली : भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि सामने आई है. नोएडा स्थित डिफेंस टेक्नोलॉजी कंपनी आईजी डिफेंस ने अपने लंबी दूरी के वन-वे अटैक ड्रोन
काल का राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में सफल फ्लाइट टेस्ट पूरा किया है. कंपनी के मुताबिक, यह ड्रोन लंबी दूरी तक स्वायत्त मिशन के लिए तैयार किया गया है और इसकी अधिकतम रेंज 1,000 किलोमीटर तक बताई गई है.
20 सितंबर को हुए परीक्षण में काल को वाहन पर लगे लॉन्च प्लेटफॉर्म से उड़ाया गया. ट्रायल के दौरान ड्रोन के एयरफ्रेम, प्रोपल्शन, एवियोनिक्स, नेविगेशन और मिशन सिस्टम के एकीकृत कामकाज को परखा गया। हालांकि, कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि पोखरण परीक्षण के दौरान ड्रोन ने कितनी दूरी या कितनी देर तक उड़ान भरी. यह भी नहीं बताया गया कि इसमें लाइव पेलोड इस्तेमाल किया गया था या नहीं.
कंपनी के अनुसार, काल की एंड्योरेंस 7 से 8 घंटे, पेलोड क्षमता 50 किलोग्राम तक और ऑपरेशनल ऊंचाई 5,000 मीटर तक है। इसमें जीएनएसएस और इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है. इसे वन-वे अटैक प्लेटफॉर्म के तौर पर डिजाइन किया गया है, यानी मिशन पूरा करने के बाद इसके वापस लौटने की जरूरत नहीं होती.
लंबी दूरी के वन-वे ड्रोन हाल के रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया के संघर्षों के बाद सैन्य रणनीति में ज्यादा चर्चा में आए हैं। शाहेद-136 जैसे सिस्टम इसी श्रेणी के उदाहरण हैं. हालांकि, काल की तुलना क्षमता और वास्तविक प्रदर्शन के आधार पर अलग-अलग स्तरों पर ही की जा सकती है.
आईजी डिफेंस के संस्थापक और सीईओ बोधिसत्व संघप्रिय के मुताबिक, काल को लंबी दूरी, स्वायत्त संचालन, पेलोड क्षमता और भारत में बड़े पैमाने पर उत्पादन की संभावनाओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है. कंपनी के अनुसार, इसका उद्देश्य स्वदेशी लंबी दूरी की मानवरहित स्ट्राइक क्षमता को आगे बढ़ाना है.