नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना मौसम सिस्टम तेजी से मजबूत हो रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार यह सिस्टम जल्द ही डीप डिप्रेशन में बदल सकता है और आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट को पार कर सकता है. अगर यह और तीव्र हुआ तो इसका नाम ‘अर्नब’ रखा जाएगा. IMD ने बताया कि पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना डिप्रेशन पिछले कुछ घंटों में पश्चिम की ओर बढ़ा है.
22 सितंबर 2026 को सुबह 8:30 बजे यह गोपालपुर (ओडिशा) से करीब 200 किमी दक्षिण-पूर्व, कलिंगपटनम (आंध्र प्रदेश) से 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और पुरी से 210 किमी दक्षिण में स्थित था. मौसम विभाग के मुताबिक अगले 12 घंटों में यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए डीप डिप्रेशन में बदलने की बहुत संभावना है. बुधवार रात या गुरुवार तड़के यह विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तट को पार कर सकता है.
उत्तरी हिंद महासागर में बनने वाले अगले चक्रवात का नाम ‘अर्नब’ रखा जाएगा. बांग्ला भाषा में ‘अर्नब’ का मतलब समुद्र होता है. यह नाम बांग्लादेश ने प्रस्तावित किया था और विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की सूची में शामिल है. आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम और विजयनगरम जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. 22-23 सितंबर को इन जिलों के साथ पार्वतीपुरम मन्यम में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. अल्लूरी सीताराम राजू, अनाकापल्ली और विशाखापत्तनम में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है.
23 और 24 सितंबर को श्रीकाकुलम, विजयनगरम, पार्वतीपुरम मान्यम और अल्लूरी सीताराम राजू में बेहद भारी बारिश हो सकती है. अनकापल्ली, विशाखापत्तनम, काकीनाडा, ईस्ट गोदावरी और एलुरु में भी भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश से जलभराव, ट्रैफिक जाम, सड़कें फिसलन भरी होना, पेड़ और बिजली के खंभे गिरना, बिजली-पानी सप्लाई प्रभावित होना और नालियां जाम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कुछ जगहों पर जलाशय या बांध टूटने का भी खतरा है.
प्रशासन ने लोगों से बेवजह बाहर न निकलने की सलाह दी है. सड़क, रेल और हवाई यातायात को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं. राहत-बचाव दल, बिजली और जल विभागों को पूरी तैयारी के साथ रहने को कहा गया है. यह एडवाइजरी 22 सितंबर 2026 को दोपहर 1 बजे जारी की गई. तटीय इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.