लखनऊ: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले की अदालत (अपर सत्र न्यायाधीश नेहा आनंद) ने 8 जून 2022 को हुए चर्चित और सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड (Double Murder Case) में ऐतिहासिक और नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। प्रेम-प्रसंग और बदले की नीयत से हुई दो अलग-अलग हत्याओं के इस जटिल मामले में अदालत ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, पुलिस विवेचना और गवाहों के आधार पर दोनों पक्षों के कुल 6 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है।
सरकारी वकील विनोद शुक्ला के अनुसार, यह मामला थाना जलालाबाद क्षेत्र के गांव डहर का है, जहाँ रमन पाल यादव और ओमपाल की पत्नी ममता के बीच प्रेम-प्रसंग के चलते यह खूनी वारदात हुई थी।
पहली हत्या: खेत में काम कर रहे प्रेमी रमन पाल पर हमला
घटना 8 जून 2022 की शाम करीब 5:30 बजे की है। ओमपाल कश्यप अपनी पत्नी ममता और उसके प्रेमी रमन पाल यादव के रिश्ते से बेहद नाराज था। रमन जब खेत पर काम कर रहा था, तब ओमपाल अपने बेटों सोनू व अमित और साथी प्रमोद के साथ वहाँ पहुँचा। चारों ने कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर रमन पाल की मौके पर ही हत्या कर दी।
बदले में दूसरी हत्या: प्रेमिका ममता का घोंटा गला
रमन की हत्या की खबर मिलते ही उसके भाई सर्वेश और अजय मौके पर पहुँचे। बदले की आग में दोनों भाइयों ने ममता (ओमपाल की पत्नी) को निशाना बनाया और उसके ही दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
मामले को दूसरा मोड़ देने के लिए रमन के भाई सर्वेश ने पुलिस में झूठी तहरीर दी कि दोनों हत्याएं ओमपाल और उसके बेटों ने की हैं। लेकिन पुलिस विवेचना, फॉरेंसिक टीम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह सच्चाई खुलकर सामने आ गई कि ममता की हत्या रमन के भाइयों ने की थी।
कोर्ट का फैसला: दोनों पक्षों के 6 दोषियों को उम्रकैद
अदालत ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दोनों पक्षों की भूमिका तय करते हुए कड़ा फैसला सुनाया:
सरकारी वकील ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि झूठी तहरीर देकर कानून को गुमराह करने वालों और जघन्य अपराध करने वालों के खिलाफ यह फैसला समाज में सख्त संदेश देगा।