नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने देशभर में ऑनलाइन फॉर्म-6 से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा को पूरी तरह अलग कर दिया है. यह कदम दो चुनाव आयुक्तों द्वारा उठाई गई आपत्ति के बाद उठाया गया है. अब आवेदकों को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के फॉर्म के साथ SIR घोषणा भरने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि इसे अलग से जमा करना होगा. पहले SIR घोषणा को फॉर्म-6 से जोड़ा गया था.
जिन राज्यों में रिवीजन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, वहाँ इसे पहले ही अलग कर दिया गया था. अब आयोग ने इसे उन राज्यों में भी लागू कर दिया है जहाँ SIR की प्रक्रिया अभी जारी है. दो चुनाव आयुक्तों ने इस लिंकिंग पर चिंता जताई थी, जिसके बाद आयोग ने यह बदलाव किया.
आंतरिक कामकाज में भी बड़े बदलाव
अभी भी विपक्ष का विरोध जारी
यह फैसला उस समय आया है जब विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ SIR प्रक्रिया को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. विपक्ष ने कुमार के इस्तीफे की मांग की है और मतदाता सूची से नाम काटे जाने को लेकर अनियमितताओं का आरोप लगाया है. राहुल गांधी समेत कई नेता दिल्ली और अन्य जगहों पर प्रदर्शन कर चुके हैं. चुनाव आयोग का कहना है कि SIR प्रक्रिया मतदाता सूची को शुद्ध और सटीक बनाने के लिए चलाई जा रही है.