नई दिल्ली: NEET पेपर लीक के खिलाफ अनशन पर बैठे लद्दाखी कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पीएमओ के बाहर की गई धरना-प्रदर्शन की तीखी आलोचना की है. गीतांजलि ने मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि पीएमओ के बाहर बैठना ठीक नहीं था. अगर राहुल गांधी छात्रों के मुद्दे पर ईमानदार होते तो उन्हें जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए था. उन्होंने इसे नॉन-सीरियस और भ्रमित करने वाला कदम बताया.
गीतांजलि ने कहा, ''हम हर उस पार्टी और व्यक्ति के साथ हैं जो भारत के बेहतर भविष्य की चिंता करते हैं, लेकिन लोगों को बहलाने-फुसलाने या भ्रमित करने का समय अब नहीं रहा. यह जागा हुआ भारत है.'' आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी राहुल गांधी के इस कदम की निंदा की. पार्टी ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन पूरी तरह बनावटी था.
अगर नीयत साफ होती तो राहुल गांधी को जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए था. यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब जंतर-मंतर पर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के बैनर तले छात्र परीक्षा सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.
सोनम वांगचुक फिलहाल अनशन पर हैं और उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है. उनकी पत्नी ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी राजनीतिक हथकंडे का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं. यह बयान विपक्षी दलों के बीच छात्र आंदोलन को लेकर बढ़ती असहमति को और उजागर करता है.