क्रिकेट में स्पिन गेंदबाज आमतौर पर 80-90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकते हैं. कभी-कभी कुछ स्पिनर 105 किमी प्रति घंटे तक की गति से गेंद डालते हैं. लेकिन क्या आप यकीन करेंगे कि एक भारतीय स्पिन गेंदबाज ने 140.6 किमी प्रति घंटे की गति से गेंदबाजी की है? वॉशिंगटन सुंदर ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें उनकी गेंदबाजी की रफ्तार 140.6 किमी प्रति घंटे दिखाई गई.
यह घटना 2024 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पर्थ टेस्ट मैच की है. वॉशिंगटन सुंदर ने इस टेस्ट मैच में कुल 17 ओवर फेंके और दोनों पारियों में कुल 2 विकेट लिए. सुंदर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दूसरी पारी की एक तस्वीर साझा की. उस समय क्रीज पर एलेक्स कैरी और मिचेल मार्श मौजूद थे. इस दौरान सुंदर की गेंदबाजी की रफ्तार 140.6 किमी प्रति घंटे दिखाई गई, जो कि एक तकनीकी गलती का नतीजा लगती है. स्पिन गेंदबाज के लिए इतनी तेज गति से गेंदबाजी करना असंभव है.
पर्थ टेस्ट में वॉशिंगटन सुंदर को रवींद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन की मौजूदगी के बावजूद प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया. उन्होंने गेंदबाजी में 2 विकेट लिए और बल्लेबाजी में दोनों पारियों में क्रमशः 4 और 29 रन बनाए.
स्पिन गेंदबाजी में भी तेज गति से गेंद डालने की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं. उदाहरण के लिए, 2020 आईपीएल में क्रुणाल पांड्या ने 112.5 किमी प्रति घंटे की गति से गेंदबाजी की थी. वहीं, पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी अब तक के सबसे तेज स्पिन गेंदबाज माने जाते हैं. अफरीदी ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ एक टी20 मैच में 134 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी थी.
वॉशिंगटन सुंदर द्वारा 140.6 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी का दावा तकनीकी गड़बड़ी का नतीजा हो सकता है. हालांकि, यह घटना क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गई. यह साफ है कि स्पिन गेंदबाजी में इतनी तेज गति संभव नहीं है, लेकिन इस तरह की घटनाएं खेल को और दिलचस्प बनाती हैं.