नासिक: महाराष्ट्र की देवेंद्र सरकार पत्थरबाजों के खिलाफ सख्त एक्शन में आ चुकी है, अब महाराष्ट्र में भी योगी की तर्ज पर ही पत्थरबाजों का इलाज होने लगा है, नासिक से सामने आई तस्वीरें तो यही इशारा करती हैं. जहां रात में सरकारी अधिकारियों पर लोगों ने पत्थर बरसाए थे, वहां सुबह ही बुलडोजर ले जाकर अवैध दरगाह को ध्वस्त कर दिया गया है.
15 अप्रैल को हुई थी पत्थरबाजी
दरअसल नासिक के काठे गली क्षेत्र में 15 अप्रैल की रात पुलिस और नगर निगम की टीम एक अवैध दरगाह पर कार्रवाई करने पहुंची थी. जहां सरकारी अधिकारियों को पत्थरबाजों का सामना करना पड़ा. दोनों ही विभागों के लोगों पर दरगाह के समर्थन में आए लोगों ने जमकर पत्थर बरसाए, जिसमें कई गाड़ियों के शीशे टूटे, जबकि 2 ACP और 20 से ज्यादा अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे. इतना ही नहीं एक पुलिसकर्मी के पैर में फ्रैक्चर भी हुआ है. इस दौरान करीब आधा दर्जन गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई. जिसके बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए आंसू गैस के गोले भी छोड़े, और 8 से ज्यादा पत्थरबाजों को हिरासत में भी किया है.
हमले के बाद पुलिस ने तोड़ी अवैध दरगाह
पुलिस पर हुए हमले के बाद पूरा प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया. और फिर रात में ही पूरे दलबद के साथ इस इलाके में चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती कर दी गई. और रात में ही अवैध घोषित की गई सतपीर दरगाह को हटाने का काम शुरू किया गया. तुरंत वहां बुलडोजर बुलाया गया और अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया. लोगों की सुविधा के लिए काठे गली से भाभा नगर जाने वाले लोगों के लिए यातायात को दूसरे मार्ग पर डायवर्ट भी कर दिया गया. जिससे आम लोगों को कोई परेशानी ना हो.
1 अप्रैल को जारी किया गया था नोटिस
सतपीर दरगाह को नगर निगम की तरफ से अवैध घोषित किया गया था, जिसके बाद दरगाह को 1 अप्रैल के दिन नोटिस भी भेजा गया था. जिसमें 15 दिन के भीतक अवैध निर्माण को हटाने के निर्देश दिये गए थे. लेकिन नोटिस पीरियड पूरा होने के बाद भी अवैध दरगाह को नहीं हटाया गया. इसी वजह से पुलिस टीम को साथ लेकर नगर निगम के अधिकारी काठे गली पहुंचे थे. जहां पत्थरबाजों ने उन पर हमल कर दिया था. फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस की तैनाती है. और हर तरह की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.