ये है सुल्तानपुर केस का सरगना विपिन सिंह, जिसका नाम ले-लेकर अखिलेश यादव और सपाई योगी सरकार को पानी पी-पीकर कोस रहे थे, कह रहे थे ये ठाकुर है इसलिए इसका हाल मंगेश यादव वाला नहीं हुआ, उस विपिन सिंह का अब सपा कनेक्शन सामने आया है और वो खुद हाथ जोड़कर कह रहा है कि हमें बचा लो. पर कनेक्शन की बात पर आएं उससे पहले 37 मुकदमों के आरोपी विपिन सिंह को गुहार लगाते सुन लीजिए. यूपी पुलिस के जवान जैसे ही गाड़ी की ओर ले जाते हैं, वो कहता है हमें डर लग रहा है.
अब डर किस बात का, क्या किसी का राज उसने एसटीएफ के सामने खोला है, या फिर विकास दूबे की तरह गाड़ी पलटने का डर उसे सता रहा है, हमने जब समझने की कोशिश की तो दो तस्वीरें सामने आई, जिसे ट्वीट किया है मोहित बाबू नाम के ट्विटर यूजर ने.
पहली तस्वीर में विपिन सिंह सफेद कुर्ते और नेहरू जैकेट में दिख रहा है, उसके आसपास लाल टोपी लगाए लोग नजर आ रहे हैं, जिन्हें पहली नजर में देखकर समझा जा सकता है कि ये सपा के कार्यकर्ता हो सकते हैं. उसके बाद दूसरी तस्वीर जब देखी तो हमारा भी दिमाग हिल गया, वो एक अखबार की कटिंग है, जिसमें लिखा है अमेठी के वार्ड नंबर 15 से विपिन सिंह की मां विमला सिंह प्रत्याशी हैं. हम इन तस्वीरों की पुष्टि नहीं करते, लेकिन तस्वीरों को देखने के बाद सीएम योगी का वो बयान याद आता है, जिसमें वो कहते हैं ज्यादातर माफियाओं का सपा से संबंध क्यों होता है.
अब विपिन सिंह की इस तस्वीर को अगर सच मान लिया जाए तो इसका संबंध कई बड़े नेताओं से भी हो सकता है, तमाम रैलियों से लेकर मीटिंग तक में इसकी मुख्य भूमिका हो सकती है, और 36 मुकदमे दर्ज होने के बावजूद भी ये बाहर शायद उन्हीं आकाओं की मदद से घूम रहा होगा, जिनका खुलासा अगर पूछताछ में विपिन सिंह ने कर दिया तो इसके आकाओं की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं.
कभी विपिन सिंह की थी दहशत, अब रो रहे घरवाले
अब सवाल ये है कि अगर पुलिस सबको इस केस में फंसा ही रही है तो फिर सुल्तानपुर केस का असली आरोपी है कौन, ऐसा तो है नहीं कि सुल्तानपुर की दुकान में कोई घटना ही नहीं हुई, ऐसा भी नहीं है कि सीसीटीवी फुटेज झूठा है, फिर हर आरोपी के घरवाले सवाल क्यों उठा रहे हैं, पहले मंगेश यादव पर सवाल उठे, उसके बाद विनय शुक्ला के घरवालों ने कहा मेरे लड़के को खतरा है, अब खुद इनका सरगना विपिन सिंह ऐसी बातें बोल रहा है, और हर आरोपी को बचाने के लिए सपा ही आगे आ रही है, अब चूंकि विपिन का सपा कनेक्शन भी सामने आया है, जिसकी तस्वीर की पुष्टि हम नहीं करते, पर जरा सोचिए कि ऐसे लोगों का समर्थन करने का क्या मकसद हो सकता है.
अगर मुलायम सिंह यादव आज होते तो शायद अखिलेश यादव को इस तरह की बयानबाजी पर एक बार जरूर समझाते, यूपी की राजनीति में माफियाओं की मदद लेना कोई नई बात नहीं है, पर बीते कुछ समय में जिस हिसाब से योगी सरकार का माफियाओं पर एक्शन हुआ है, और उसके बाद बुलडोजर रोकने से लेकर माफियाओं का हमदर्द बनने तक की जो कहानी सामने आई है, वो साफ बयां कर रही है समाज के दुश्मनों के सियासी दोस्त इतने हैं कि इंसाफ की लड़ाई मुश्किल है, पर बाबा पीछे हटने वाले नहीं हैं.