नई दिल्ली: तमिलनाडु के तिरुवन्नामलई में अन्नामलाई मंदिर परिसर में एक व्यक्ति के मांसाहारी भोजन करने की घटना से तनाव फैल गया. यह घटना मंदिर के चौथे प्रहारम (बाहरी आंगन) में हुई. भक्तों ने देखा कि एक व्यक्ति भोजन कर रहा था और उन्होंने तुरंत मंदिर अधिकारियों को सूचित किया. जब अधिकारियों ने उससे पूछा कि वह क्या खा रहा है, तो उसने कहा कि उसने 'कुस्का' (सादा बिरयानी) मंगवाया था, लेकिन गलती से उसमें चिकन का टुकड़ा आ गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया.
अधिकारियों ने उसे भोजन पैक करने को कहा और जिला पुलिस को सूचित किया. व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. मामले की जांच जारी है. इससे पहले जनवरी में भी ऐसी ही एक घटना हुई थी, जब तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सांसद नवास कानी पर मदुरै के तिरुपरंकुंद्रम सुब्रमण्य स्वामी पहाड़ी पर मांसाहारी भोजन करने का आरोप लगाया था.
अन्नामलाई ने इसे "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" बताया और सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि यह कृत्य कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा करता है और हिंदू समुदाय शांतिप्रिय है. बता दें कि इससे पहले 2024 में तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसिद्ध लड्डू प्रसाद में पशु चर्बी और मछली के तेल की मिलावट का मामला सामने आया था. इस घटना के बाद देशभर में खूब बवाल मचा था.
इस मामले को लेकर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दावा किया था कि पूर्व वाईएसआरसीपी सरकार (जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली) के दौरान मंदिर के लड्डू बनाने में घटिया घी का इस्तेमाल हुआ, जिसमें बीफ चर्बी, मछली का तेल और अन्य अशुद्ध सामग्री मिली थी. हालांकि जांच के बाद इस पर कुछ खास कार्रवाई नहीं हुई थी. इसी बीच साउथ के ही एक और मंदिर में मांसाहारी भोजन करने से तनाव फैल गया है.
मंदिर का इतिहास
अन्नामलाई मंदिर, जिसे अरुणाचलेश्वर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, तमिलनाडु के तिरुवन्नामलई में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है. यह भगवान शिव को समर्पित है, जहां वे अरुणाचलेश्वर के रूप में पूजे जाते हैं, और माता पार्वती को अपितकुचंबल (उन्नमुलई अम्मन) के रूप में पूजा जाता है. यह मंदिर दक्षिण भारत के सबसे पवित्र और प्राचीन मंदिरों में से एक है और पंच भूत स्थलों में से एक है, जो अग्नि तत्व का प्रतीक है.