बाढ़ तक पहुंचा मोकामा हत्याकांड का तनाव, साथ दिखे जनसुराज-राजद उम्मीदवार, PK साइडलाइन

Amanat Ansari 01 Nov 2025 11:18: AM 3 Mins
बाढ़ तक पहुंचा मोकामा हत्याकांड का तनाव, साथ दिखे जनसुराज-राजद उम्मीदवार, PK साइडलाइन

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच मोकामा इलाके में हुई दुलारचंद यादव की हत्या ने पूरे क्षेत्र को उथल-पुथल में डाल दिया. गुरुवार (30 अक्टूबर) को जनसुराज पार्टी (जसुपा) के उम्मीदवार प्रियदर्शी पीयूष के प्रचार के दौरान तारतर गांव के पास भदौर थाना क्षेत्र में यह घटना घटी. 76 वर्षीय दुलारचंद, जो जसुपा समर्थक और स्थानीय प्रभावशाली नेता थे, की मौत ने न सिर्फ इलाके का माहौल बिगाड़ दिया, बल्कि राजनीतिक दलों के बीच जंगलराज vs गुंडाराज की बहस को हवा दे दी. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि उनकी मौत गोली से नहीं, बल्कि आंतरिक चोटों से हुई.

फिर भी, तीन FIR दर्ज हो चुकी हैं, और चुनाव आयोग ने डीजीपी से रिपोर्ट मांगी है. घटना दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बसावनचक के पास हुई. जसुपा कैंडिडेट पीयूष प्रियदर्शी का काफिला अनंत सिंह (जद(यू) प्रत्याशी) की गाड़ियों के पीछे था. अचानक अनंत सिंह के कथित समर्थकों ने लाठी-डंडों, पथराव और फायरिंग से हमला बोल दिया. दुलारचंद ने विरोध किया, तो उन पर हमला हुआ.

मृतक के पोते नीरज कुमार के बयान पर पहली FIR में अनंत सिंह, उनके भतीजे कर्मवीर सिंह, राजवीर सिंह, कंजय सिंह और छोटन सिंह को नामजद किया गया. आरोप है कि जसुपा प्रचार के दौरान ही हत्या की साजिश रची गई. दूसरी FIR नालंदा के हरनौत थाने में दर्ज हुई, जिसमें पीयूष प्रियदर्शी, लखन महतो, बाजो महतो समेत 100 से ज्यादा अज्ञात लोगों पर पिस्तौल से गोली चलाने, लाठी-रॉड से मारपीट और वाहनों पर पथराव का केस है.

तीसरी FIR थानाध्यक्ष रविरंजन चौहान ने दोनों पक्षों के अज्ञात समर्थकों पर की. सार्वजनिक जगह फायरिंग, तोड़फोड़ और दहशत फैलाने के आरोप लगाए गए. हत्या के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने नहीं दिया. शुक्रवार सुबह ही सहमति बनी. ट्रैक्टर-ट्रॉली पर शव रखकर अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें राजद प्रत्याशी वीणा देवी (पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी), पीयूष प्रियदर्शी और दुलारचंद के परिजन सवार थे.

मोर चौक पर वीणा देवी अपनी गाड़ी में चली गईं, लेकिन उसके बाद रास्ते में हंगामा मचा. मोर और सुल्तानपुर गांव में अनंत सिंह के पोस्टर-बैनर फाड़े गए, नारेबाजी हुई. कन्हाईपुर में तो शवयात्रा रोककर 10 मिनट तक बवाल चला, लेकिन अर्धसैनिक बलों ने स्थिति संभाली. पंडारक सीमा पर पथराव से वीणा देवी की गाड़ी के शीशे टूट गए. छह घंटे की मशक्कत के बाद शव बाढ़ सदर अस्पताल पहुंचा.

मोकामा से बाढ़ तक वाहनों का संचालन ठप रहा, पुलिस ने कड़ी सुरक्षा तैनात की. यह हत्या अब सियासी हथियार बन गई. महागठबंधन इसे एनडीए की नाकामी बता रहा है. राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा, "लोकतंत्र में विचारों की लड़ाई होती है, गोलीबारी की नहीं. एनडीए के महाजंगलराज में सत्ता संरक्षित गुंडे घूम रहे हैं." वीआईपी के मुकेश सहनी बोले, "मोकामा में राक्षसराज चल रहा है." कांग्रेस ने एक्स पर लिखा, "कल हत्या, आज शवयात्रा में फायरिंग यही बिहार की कानून व्यवस्था है."

विपक्ष में एनडीए ने पलटवार किया. भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, "आरजेडी का डीएनए गुंडागर्दी और जंगलराज का है." जीतन राम मांझी ने आरोप लगाया, "यह RJD की साजिश है, वे जानबूझकर हिंसा फैला रहे हैं." अनंत सिंह ने सूरजभान सिंह पर इल्जाम लगाया. पूर्व सांसद सूरजभान ने चुप्पी तोड़ी हत्याकांड की निंदा की, चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग की. बोले, "चुनावी रंजिश में हत्या लोकतंत्र के लिए खतरा. दुनिया बिहार पर नजर रखे हुए है."

जनसुराज के प्रशांत किशोर (पीके) ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए: "चुनाव में इतनी हिंसा पुराने जंगलराज को याद दिलाती है." लेकिन कुढ़नी (मुजफ्फरपुर) में उनके रोड शो पर विरोध हुआ. ओवरब्रिज के पास युवाओं ने काफिले को रोका, नारे लगाए – "दुलारचंद जसुपा समर्थक थे, उनकी हत्या पर पीके परिवार से मिले क्यों नहीं?" समर्थकों ने विरोधियों को हटाया, काफिला आगे बढ़ा. पीके बोले, "यह विरोध साबित करता है कि हम आगे बढ़ रहे हैं." रोड शो तुर्की से चढ़ुआ, बसौली होते हुए पूरा हुआ.

इतिहास दोहरा रहा बिहार?

मोकामा-बाढ़ क्षेत्र हिंसा का पुराना गढ़ है. 1991 के बाढ़ लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस एजेंट सीताराम सिंह की हत्या पर फायरिंग से 8 घायल. 2000 के विधानसभा चुनाव में भावनचक में दर्जनों राउंड गोलीबाजी से बच्चू सिंह समेत 2 मरे. 2005 में नौरंगा-जलालपुर में बाहुबली समर्थकों ने गोपाल, सलवीर और भोसंगवा को मार डाला. जातीय-प्रभावी राजनीति वाले इस इलाके में चुनाव हमेशा तनावपूर्ण रहते हैं.

डीजीपी और जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी. इलाके में कैंप कर रही पुलिस-अर्धसैनिक बल तैनाती बढ़ा रही है. दोनों गठबंधन इसे मुद्दा बनाकर वोटबैंक हिलाने को तैयार. महागठबंधन सत्ता के अहंकार का राग अलापेगा, एनडीए को नैरेटिव बदलना होगा. बिहार की सियासत अब और गरमाती जा रही है.

Mokama Barh Dularchand murder case Jansuraj candidate RJD candidate Veena Devi

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