कोलकाता : पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के माथाभंगा इलाके में कथित तौर पर ग्रामीणों से वसूले गए पैसे लौटाए जाने का मामला सामने आया है. यह घटनाक्रम पचगढ़ ग्राम पंचायत के फकीरर कुठी क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों को एक सार्वजनिक बैठक में बुलाया गया.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, एक स्कूल मैदान में आयोजित सभा के दौरान कुछ ग्रामीणों को नकद राशि वापस दी गई. दावा किया जा रहा है कि यह पैसा पहले विभिन्न कामों, विवादों के निपटारे या स्थानीय स्तर पर सहायता दिलाने के नाम पर लिया गया था. सभा में पंचायत से जुड़े कुछ लोगों ने मौजूद ग्रामीणों को रकम लौटाई. कुछ मामलों में उन नेताओं के परिजन भी पहुंचे, जो फिलहाल इलाके में मौजूद नहीं बताए जा रहे हैं.
ग्रामीणों ने पैसा वापस मिलने पर राहत तो जताई, लेकिन साथ ही नाराजगी भी व्यक्त की. एक ग्रामीण ने आरोप लगाया कि जमीन विवाद सुलझाने के नाम पर उससे बड़ी रकम ली गई थी, लेकिन काम पूरा नहीं हुआ. बाद में जानकारी मिलने पर उसने भी पैसा वापसी के लिए आवेदन किया और अब उसे रकम वापस मिल गई.
इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि टीएमसी से जुड़े लोगों द्वारा कथित तौर पर ‘कट मनी’ के रूप में लिया गया पैसा अब ग्रामीणों को लौटाया जा रहा है. उन्होंने इसे जनता के बढ़ते दबाव और कार्रवाई के डर से जुड़ा मामला बताया.
वहीं, स्थानीय बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया है कि पंचायत से जुड़े कुछ लोगों और स्थानीय नेताओं ने मिलकर ग्रामीणों से लाखों रुपये की वसूली की थी. उनका कहना है कि बढ़ते जनाक्रोश और संभावित कानूनी दबाव के चलते रकम लौटाने की प्रक्रिया शुरू हुई है. हालांकि, इन आरोपों पर टीएमसी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. मामले को लेकर इलाके में चर्चा और राजनीतिक हलचल बनी हुई है.