वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के स्वागत में बमवर्षक विमानों को आसमान में उड़ाकर सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया है, जिसने दुनिया का ध्यान खींचा है.
15 अगस्त 2025 को यूक्रेन युद्ध को लेकर बातचीत के लिए पुतिन जब अलास्का पहुंचे थे, तब ट्रंप ने रेड कारपेट, सैन्य सलामी के साथ उनका स्वागत किया. उस दौरान B-2 स्पिरिट स्टील्थ बमवर्षक और 4 F-35 लड़ाकू विमान ऊपर से गुजरे थे.
अब 23 सितंबर 2026 को शी जिनपिंग जब अमेरिका पहुंचे, तो ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर स्वागत समारोह के दौरान अमेरिकी राष्ट्रगान बजते समय 2 B-1B लांसर बमवर्षक आसमान में गरजे. अगले दिन व्हाइट हाउस के ऊपर भी B-2 विमान ने 4 F-22 लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरी. तीन दिन की इस राजकीय यात्रा में व्यापार, दुर्लभ खनिज, AI और अमेरिका-चीन संबंध जैसे मुद्दे चर्चा में रहे.
अमेरिका, रूस और चीन तीनों परमाणु शक्तियां हैं. ऐसे में इन स्वागत समारोहों के दौरान बमवर्षकों की उड़ान को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सिर्फ समारोह था या इसके पीछे रणनीतिक संदेश भी छिपा है. पूर्व अमेरिकी खुफिया अधिकारी के अनुसार, यह अमेरिका की सैन्य ताकत के साथ बातचीत करने का तरीका हो सकता है.