ईरानी सेना ने खोले ‘दोजख के दरवाजे’, सिर पर कफन बांध निकले अमेरिकी जवान, फिर शुरू हुआ महायुद्ध!
ट्रंप के भेजे 3500 स्पेशल जवान पहुंचे मिडिल ईस्ट, न खार्ग पर कब्जा, न होर्मुज पर कंट्रोल, नया प्लान हुआ लीक!
कौन हैं खामेनेई के पाले ‘बब्बर शेर’, जो बदला लेने को हुए ऐसे व्याकुल, इजरायली सेना का परिवार हुआ शोकाकुल!
U.S. Sailors and Marines aboard USS Tripoli (LHA 7) arrived in the U.S. Central Command area of responsibility, March 27. The America-class amphibious assault ship serves as the flagship for the Tripoli Amphibious Ready Group / 31st Marine Expeditionary Unit composed of about… pic.twitter.com/JFWiPBbkd2
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 28, 2026
ये अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड का पोस्ट है, जो लिखता है अमेरिका का मॉडर्न युद्धपोत USS ट्रिपोली 3500 जवानों और सारे साजो सामान के साथ अपनी नई जिम्मेदारी निभाने पहुंच चुका है...ये नई जिम्मेदारी है ईरान की लड़ाई को नतीजे तक पहुंचाने की...जिसके लिए अमेरिकी जवान पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं....तो क्या अमेरिका ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन शुरू करने जा रहा है, या फिर ये स्पेशली ट्रेंड मरीन कमांडो किसी सीक्रेट मिशन पर हैं...इसे समझने के लिए ट्रंप का नया प्लान समझना होगा, जिसकी जानकारी अब लीक हो चुकी है...जानकार दावा करते हैं...
व्हाइट हाउस में हफ्तों की मीटिंग के बाद ये तय हुआ कि होर्मुज की खाड़ी या खार्ग द्वीप पर कब्जा करने में अमेरिकी सैनिकों को नुकसान उठाना पड़ सकता है
युद्ध की शुरुआती रणनीति इन जगहों पर कब्जा करने की नहीं, बल्कि ईरान में सत्ता परिवर्तन यानि खामेनेई की मौत और फिर परमाणु कार्यक्रम को रोकना था.
फिलहाल खामेनेई की मौत हो चुकी है, ईरान के परमाणु ठिकाने ध्वस्त हो चुके हैं, लेकिन ईरान ने जो 440 किलोग्राम 60 फीसदी संवर्धित यूरेनियम रखा है, उससे दोबारा वो परमाणु संपन्न बन सकता है.
ऐसे में अगर खार्ग द्वीप या होर्मुज पर कब्जा कर भी लिया गया तो अमेरिका और इजरायल की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती है..
इसलिए फिलहाल ईरान ने ये संवर्धित परमाणु कहां रखे हैं, ये पता करना बेहद जरूरी है, क्योंकि जिस व्यक्ति ने इस युद्ध में अमेरिका का सबसे ज्यादा साथ दिया, वो भी ईरानी जनता पर अब हमले के खिलाफ है, ईरान के पूर्व शासक रजा पहलवी भी ईरानी जनता पर हमले का विरोध कर रहे हैं...इसीलिए ट्रंप के सामने फिलहाल इस युद्ध से बाहर निकलने के एक ही रास्ते हैं कि वो ये यूरेनियम हासिल करें, उसे नष्ट करवाएं, दुनिया को ये दिखाएं कि हमारा मिशन पूरा हुआ और फिर इस लड़ाई से बाहर निकल जाएं...जिसे लागू करने के लिए ईरान में सीमित ग्राउंड ऑपरेशन चलाने की जरूरत है...इजरायल के लिए ये पता करना बेहद मुश्किल नहीं होगा कि वो संवर्धित यूरेनियम किस जगह पर हैं, क्योंकि उसके कई एजेंट अभी भी ईरान में एक्टिव हैं...तो अमेरिकी की प्लानिंग येहो सकती है कि मिडिल ईस्ट में भारी मात्रा में सैनिकों की तैनाती कर ईरान का ध्यान भटकाए, खार्ग और होर्मुज पर बयानबाजी करके वहां ईरानी सेना की तैनाती बढ़वाए और फिर उसके सीक्रेट लोकेशन पर अपने सैनिक भेजकर संवर्धित यूरेनियम हासिल कर ले...हालांकि ये इतना आसान नहीं होने वाला, क्योंकि ईरानी सेना अमेरिका को पूरी तरह से धूल चटाने के मूड में खड़ी है...

यूएसएस ट्रिपोली की ये तस्वीर जैसे ही सामने आई, ईरानी अख़बार तेहरान टाइम्स ने लिखा नरक में आपका स्वागत है...यानि अमेरिकी सैनिकों के लिए ईरान ने दोजख के दरवाजे खोल दिए हैं, पर क्या ग्राउंड ऑपरेशन में ईरानी सेना अत्याधुनिक हथियारों से लैस अमेरिकी सेना से मुकाबला कर पाएगी...ये बड़ा सवाल है...

चूंकि ईरानी सेना इस वक्त अकेले नहीं है, हूती विद्रोही भी उसके साथ आ चुके हैं, क्योंकि खामेनेई ने इन हूती विद्रोहियों को पाला था, इन्हें अपने दौर में हथियार और फंडिंग देकर अमेरिका-इजरायल के खिलाफ खड़ा किया था, इसलिए वो भी खामेनेई की मौत का बदला लेने को व्याकुल हैं...जितने भी विद्रोही संगठन इजरायल के खिलाफ उनका जोश इस वक्त हाई है, वरना लेबनान से ये तस्वीर सामने नहीं आती...जहां लड़ाई के दौरान 22 साल के एक इजरायली सैनिक की मौत हो गई...तो क्या ये लड़ाई अब नए मोड़ पर पहुंच चुकी है, आसमानी हमलों से हटकर अब समुद्र और जमीन पर हमले होने वाले हैं...कई भविष्यवाणियां यही दावा करती हैं कि अप्रैल के शुरुआती हफ्ते में ही ट्रंप चौंकाने वाला फैसला ले सकते हैं...वो क्या होगा...इसका इंतजार सबको है...