युवाओं को बीमार कर रहा  IPL? नई रिपोर्ट से मचा हड़कंप!

Abhishek Chaturvedi 29 Mar 2026 10:29: PM 3 Mins
युवाओं को बीमार कर रहा  IPL? नई रिपोर्ट से मचा हड़कंप!

IPL Addiction: आईपीएल का सीजन शुरू होते ही करोड़ों दर्शक मोबाइल और टीवी से चिपक जाते हैं, सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ और खराब खेलने वालों को ट्रोल किया जाने लगता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है जिस आईपीएल के मैच को एंटरटेनमेंट के लिए देखते हैं, मूड हैप्पी करने के लिए देखते हैं, जिसकी डिमांड देश-विदेश तक है, वो हिंदुस्तानी युवाओं के लिए एक बड़ा सिरदर्द बनता जा रहा है. खास तौर पर शाम के वक्त अपना काम, अपनी पढ़ाई, अपनी दुकानदारी छोड़कर इसे देखने वाले लोग पूरी रिपोर्ट देख हैरत में होंगे.

अपनी रिपोर्ट में DW.COM लिखता है, भारत में 14 करोड़ लोग IPL  के दौरान सट्टा लगाते हैं, लेकिन बड़े मुकाबलों में ये आंकड़ा 37 करोड़ तक पहुंच जाता है. हालांकि इनमें से कुछ ही लोग जीत पाते हैं, भारी संख्या में लोगों को लाखों-करोड़ों का नुकसान होता है. जिसकी वजह से मानसिक तौर पर बीमार मरीजों की संख्या बढ़ रही है.

कर्ज न चुका पाने वाले लोग डिप्रेशन में जा रहे हैं और इतना ही नहीं नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन का दावा है कि 18 साल की उम्र से शुरू होने वाले डिप्रेशन में life expectancy में औसतन 10 से 20 साल की कमी देखी गई है. कुछ रिसर्च में पुरुषों में 18 साल तक और महिलाओं में 15 साल तक की कमी बताई गई.

इसके अलावा ये आपके बच्चे की नौकरी, एजुकेशन और पारिवारिक लाइफ पर भी असर डालता है. यानि आपका बेटा या बेटी कोई भी इस तरीके के लत से परेशान है तो समझिए 180 मिनट से 210 मिनट तक चलने वाले मैच के दौरान लगाया गया सट्टा उसकी उम्र का करीब 10 साल कम कर सकता है. यानि अगर आपको ये लगता है कि ये सिर्फ पैसे का नुकसान है, ये सिर्फ एक ऐसी लत है जिसे वक्त आने पर लड़के खुद छोड़ देंगे तो शायद आप गलत हैं...आपको एक और ऐसा आंकड़ा दिखाते हैं जो एक पैरेंट्स के तौर पर शायद आपकी आंखें खोल देगा.

इकोनॉमिक्स टाइम्स रिपोर्ट में लिखता है कि आईपीएल से बीसीसीआई ने ब्रॉडकास्ट फीस के तौर पर 9678 करोड़ रुपए कमाएॉ. आईपीएल की हर टीम की कमाई करीब 500 करोड़ रुपए, खिलाड़ियों को खरीदने से लेकर प्राइज मनी तक पर करोड़ों खर्च हुए.

यानि एक तरीके से देखें तो आईपीएल से खिलाड़ियों की कमाई बढ़ी, बीसीसीआई की कमाई बढ़ी, लेकिन साथ ही खिलाड़ियों की थकान भी बढ़ी, उसका असर बड़े मैचों में भी दिखा, जिसका विरोध हुआ, और उन दर्शकों के लिए मुश्किलें बढ़ी जो ऑनलाइन सट्टेबाजी करने लगे.

बेंगलुरू में एक असिस्टेंट इंजीनियर ने डेढ़ करोड़ कर्ज लेकर आईपीएल सट्टेबाजी में लगाए, और हार गया तो उसे वसूलने का दबाव उसकी बीवी पर कर्ज देने वाले बनाने लगे, जिसके बाद बीवी इस दुनिया में नहीं रही. नागपुर में एक लड़का आईपीएल में इतनी मोटी रकम हारा कि उसने जीने की उम्मीद छोड़ दी, बेटे का सदमा मां नहीं बर्दाश्त कर पाई. मां-बेटे अब इस दुनिया में नहीं हैं.

ऐसे हई कई उदाहरण देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आए हैं, जहां हैरानी की बात ये है कि इस लत में कम उम्र के लड़के/लड़कियां ज्यादा शामिल हैं, जिन पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है, बावजूद उसके बस इसकी अपील जारी होती है, कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता. हर साल मैच के दौरान छापेमारी कर पुलिस कई लोगों को गिरफ्तार करती है, लेकिन कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि इस पूरी अवैध सट्टेबाजी की कहानी को अंजाम तक पहुंचाया जा सके.

इसलिए एंजॉय के लिए आईपीएल देखें ठीक बात है, लेकिन इस तरीके की लत अगर किसी को है, तो 1-800-985-5990 पर कॉल करें, ताकि आपको तुरंत मदद मिल सके. ये रिपोर्ट आपको डराने के लिए नहीं या फिर आईपीएल का विरोध करने के लिए नहीं बल्कि आगाह करने के लिए है, ताकि ये समझ सकें कि ऑनलाइन गेमिंग की तरह आईपीएल देखने के दौरान बना ये लत कितनी मुश्किलें पैदा कर सकता है. इसलिए सतर्क रहें, सावधान रहें.

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