US-Iran War: मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनावपूर्ण संघर्ष में अब 30 दिन से ज्यादा समय बीत चुका है. 28 फरवरी 2026 से शुरू हुई इस जंग में दोनों तरफ भारी नुकसान हो रहा है, जिसमें सैन्य क्षति के साथ-साथ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है. हाल ही में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, 27 मार्च 2026 को ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया. इस हमले में अमेरिकी वायुसेना का एक महत्वपूर्ण निगरानी विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
E-3 सेंट्री AWACS विमान कितना खास है?
E-3 सेंट्री को अमेरिकी सेना की आसमान में आंखें कहा जाता है. यह एयरबोर्न वॉर्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) का हिस्सा है, जो युद्ध के मैदान में एक उड़ता हुआ कमांड सेंटर की तरह काम करता है. इसका सबसे पहचाना जाने वाला हिस्सा ऊपर लगा घूमने वाला बड़ा रडार डोम है. यह रडार 360 डिग्री क्षेत्र कवर करता है और 400 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक हवाई लक्ष्यों, मिसाइलों और जहाजों की निगरानी कर सकता है.
एक समय में सैकड़ों लक्ष्यों को ट्रैक करने और लड़ाकू विमानों को रीयल-टाइम निर्देश देने की क्षमता रखता है. यह विमान दुश्मन की गतिविधियों का पता लगाने, हवाई यातायात प्रबंधित करने और समग्र युद्ध अभियानों को नियंत्रित करने में अमेरिकी वायुसेना की रीढ़ माना जाता है.
हमले में क्या हुआ?
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दिखाया गया है कि बेस पर खड़े E-3 विमान का रडार वाला हिस्सा और पूंछ का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. कुछ फोटोज में विमान पूरी तरह बर्बाद नजर आ रहा है. इस हमले में कई KC-135 एयर रिफ्यूलिंग टैंकर विमानों को भी नुकसान पहुंचा. 10 से 15 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं. ईरान ने इस हमले में मिसाइलों और ड्रोनों का इस्तेमाल किया, जिससे बेस पर काफी नुकसान हुआ.
विमान की कीमत और महत्व
रिपोर्ट्स के अनुसार, एक E-3 सेंट्री विमान की अनुमानित लागत आधुनिक मूल्यों में 500-700 मिलियन डॉलर (लगभग 4,000 से 6,000 करोड़ रुपए) तक हो सकती है. अमेरिकी वायुसेना के पास कुल मिलाकर बहुत कम ऑपरेशनल E-3 बचे हैं, इसलिए इसका नुकसान उनके हवाई अभियानों पर असर डाल सकता है. अमेरिकी पक्ष ने अभी तक विमान के पूरी तरह नष्ट होने या क्षति की डिग्री की पुष्टि नहीं की है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मीडिया (जैसे वॉल स्ट्रीट जर्नल, फॉक्स न्यूज और एयर एंड स्पेस फोर्सेस मैगजीन) ने सूत्रों के हवाले से इसकी पुष्टि की है. यह घटना मिडिल ईस्ट संघर्ष को और जटिल बनाती दिख रही है, क्योंकि AWACS जैसा हाई-वैल्यू एसेट खोना अमेरिका की क्षेत्रीय हवाई निगरानी क्षमता को प्रभावित कर सकता है.