फतेहपुर: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के खागा कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और विवादित मामला सामने आया है। खागा के अमवा गांव के रहने वाले 22 वर्षीय युवक मोहम्मद समीर (पुत्र समसुल हक) की प्रेम निकाह के महज 15 दिनों के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस जहां इसे आत्महत्या का मामला बता रही है, वहीं मृतक के परिजनों ने समीर के शरीर पर चोट के निशान देखने के बाद उसकी पत्नी और ससुर पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है। रविवार को परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार करते हुए गांव में ही शव को रखकर भारी हंगामा शुरू कर दिया।
मौलाना की पढ़ाई छोड़ गुजरात गया था समीर, वहां हुआ प्यार
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, मोहम्मद समीर पहले मजहबी तालीम हासिल कर मौलाना की पढ़ाई करता था। हालांकि, पिछले एक साल से वह गुजरात चला गया था और वहीं रहकर काम करने लगा था। इसी दौरान समीर का संपर्क खागा कस्बे की रहने वाली आरजू शबनम उर्फ सन्नो से हुआ। शबनम पहले से तलाकशुदा थी और एक बच्चे की मां थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध इस कदर बढ़े कि गुजरात से लौटने के बाद समीर ने अपने घर पर शबनम से निकाह का प्रस्ताव रखा।
पिता के इनकार के बाद किया था प्रेम निकाह
समीर के पिता समसुल हक ने एक बच्चे की मां और तलाकशुदा महिला से बेटे की शादी कराने से साफ इनकार कर दिया था। परिवार के विरोध के बावजूद, समीर ने करीब 15 दिन पहले शबनम से प्रेम निकाह कर लिया और खागा कस्बे में ही अपनी पत्नी के घर पर रहने लगा। परिजनों को उम्मीद नहीं थी कि इस फैसले का अंजाम इतना खौफनाक होगा।
पुलिस ने दी आत्महत्या की सूचना, शव पर मिले चोट के निशान
मृतक के परिवार ने बताया कि शनिवार को खागा थाने से उनके पास फोन आया, जिसमें पुलिस ने सूचना दी कि समीर ने आत्महत्या कर ली है और उसका शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। सूचना मिलते ही समीर के पिता, मां और बहनें अस्पताल पहुंचे, लेकिन उनका आरोप है कि अस्पताल में उन्हें समीर का शव नहीं दिखाया गया।
रविवार सुबह जब पोस्टमार्टम के बाद समीर का शव उनके पैतृक गांव अमवा लाया गया, तो परिजनों ने देखा कि उसके शरीर पर कई जगह चोट के गंभीर निशान थे। इसके बाद परिवार का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पुलिस के दावों को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि समीर की पत्नी शबनम और उसके पिता द्वारा की गई सोची-समझी हत्या है।
गांव में बढ़ा तनाव, पुलिस जांच में जुटी
शव को गांव में रखकर परिजनों द्वारा किए जा रहे हंगामे की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों (दम घुटने या चोट के कारण) का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा। फिलहाल तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।