मैनपुरी (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के किशनी थाना क्षेत्र से कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ के छोटा हर्राजपुर गांव में रविवार को मामूली विवाद के बाद अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू हो गई। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा गांव गूंज उठा और दहशत के मारे लोग अपने-अपने घरों में दुबक गए। इस भीषण खूनी संघर्ष में चबूतरे और गलियां खून से सन गईं। वारदात में एक युवक की सैफई मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, छोटा हर्राजपुर गांव के निवासी राजेंद्र सिंह चौहान और भारत सिंह भदौरिया के परिवारों के बीच खेत की मेड़ को लेकर लंबे समय से तनातनी चल रही थी। हालांकि राजस्व विभाग की टीम ने पहले पैमाइश की थी, लेकिन विवाद उस जमीन पर था जिसे दोनों पक्षों ने किसी अन्य ग्रामीण से खरीदा था और उसमें सरकारी बचत की जमीन शामिल थी। दोनों ही पक्ष इस सरकारी बचत की जमीन पर आधा-आधा कब्जा चाहते थे, जो फिलहाल एक पक्ष के नियंत्रण में थी। रविवार को खेत की जुताई के दौरान राजस्व विभाग द्वारा बनाई गई मेड़ अचानक टूट गई, जिसने इस खूनी खेल की पटकथा लिख दी।
मृतक पक्ष का सीधा आरोप है कि विवाद बढ़ने पर मोहित और दीपक चौहान अवैध असलहे और फरसा लेकर उनके दरवाजे पर चढ़ आए और पूरे परिवार पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने घर में घुसकर जानलेवा हमला किया, जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इस हिंसक टकराव में भारत सिंह भदौरिया के परिवार के चार लोग—कुलदीप (पुत्र शिशुपाल), दीपांशु (पुत्र सोनपाल), हिमांशु (पुत्र अशोक सिंह) और अरविंद (पुत्र सूरज पाल) गंभीर रूप से जख्मी हो गए। परिजन आनन-फानन में सभी को सैफई मेडिकल कॉलेज लेकर भागे, जहाँ इलाज के दौरान दीपांशु ने दम तोड़ दिया। वहीं, दूसरे पक्ष से घायल मोहित चौहान को पुलिस की निगरानी में जिला अस्पताल मैनपुरी भेजा गया है।
वारदात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी (DM) इंद्रमणि त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक (SP) गणेश प्रसाद साहा, एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह और सीओ रामकृष्ण द्विवेदी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। इनके साथ कुर्रा, एलाऊ और बेवर थाने की पुलिस भी तैनात की गई। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने, खोखे (चले हुए कारतूस) और बुलेट बरामद कर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं।
युवक की मौत के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है और उन्होंने स्थानीय किशनी पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। एहतियात के तौर पर पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने एक घायल आरोपी को हिरासत में ले लिया है और बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच के बाद दोषियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।