बिजनौर: राजस्थान के अलवर जिले के प्यारी बास शेखपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई है. मात्र छह महीने पहले शादीशुदा नवविवाहित दंपति सतविंदर सिंह और उसकी तीन महीने गर्भवती पत्नी अमनदीप कौर का शव बिजनौर जिले के जंगल में एक पेड़ से लटका मिला. परिवार ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि गैंगरेप और हत्या का मामला बताया है.
उनका आरोप है कि हत्यारों ने दोनों की हत्या करने के बाद शवों को फंदे पर लटकाकर आत्महत्या का नाटक रचा. दंपति करीब 15 दिन पहले अमनदीप के मायके बिजनौर गई थी. 15 जुलाई को सतविंदर उसे लेने पहुंचा. 16 जुलाई को दोनों मोटरसाइकिल लेकर कोटद्वार फोन रिपेयर कराने निकले थे. शाम तक वापस न लौटने पर परिवार ने उनके मोबाइल स्विच ऑफ पाए.
गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई. अगले दिन प्रेमनगर के एक स्थानीय व्यक्ति ने सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल देखी, जिस पर अमनदीप का हैंडबैग लटका हुआ था. जंगल में सर्च के दौरान आधी रात दोनों शव एक पेड़ से लटके मिले. परिवार का कहना है कि सतविंदर का शव अमनदीप के दुपट्टे से और अमनदीप का शव सतविंदर की पगड़ी से बंधा था.
दोनों के हाथ बंधे हुए थे, पेड़ की शाखा बहुत पतली और नीची थी. अमनदीप के निजी अंगों पर चोट के निशान थे जबकि सतविंदर के शरीर पर कई गंभीर चोटें थीं. मोबाइल फोन क्षतिग्रस्त मिला, लेकिन जेवर और नकदी सुरक्षित थी. शवों को पोस्टमार्टम के लिए नौगांव कम्युनिटी हेल्थ सेंटर ले जाया गया.
परिवार ने संदिग्ध परिस्थितियों का हवाला देते हुए दोबारा पोस्टमार्टम और उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की. पुलिस ने जांच का आश्वासन दिया है. सतविंदर ग्रेजुएशन कर रहा था और अमनदीप की प्रेग्नेंसी दोनों परिवारों में खुशी का माहौल बना रही थी. इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है.