जिस बाराबंकी में लगता था ‘गाजी’ का मेला अब वहां लोधेश्वर महादेव मंदिर पर सीएम योगी ने किया बड़ा ऐलान

Rahul Jadaun 20 Jul 2026 08:40: PM 2 Mins
जिस बाराबंकी में लगता था ‘गाजी’ का मेला अब वहां लोधेश्वर महादेव मंदिर पर सीएम योगी ने किया बड़ा ऐलान

बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में जहां कभी ऐतिहासिक 'गाजी' का मेला चर्चा में रहता था, वहीं अब अध्यात्म और विकास की एक नई बयार बहने वाली है। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रसिद्ध महादेवा क्षेत्र स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। इस दौरान एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने ऐलान किया कि काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर अब लोधेश्वर महादेव मंदिर का भी भव्य कॉरिडोर बनाया जाएगा।

काशी की तर्ज पर संवरेगा महादेवा धाम

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोधेश्वर महादेव मंदिर में न केवल बाराबंकी, बल्कि आस-पास के कई जिलों से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इसके बावजूद, दशकों से यह पवित्र धाम उपेक्षा का शिकार था और जीर्ण-शीर्ण हालत में था। उन्होंने पिछली व्यवस्थाओं पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी से पहले की मजबूरियां समझ आती हैं, लेकिन स्वतंत्रता के बाद भी इस ऐतिहासिक धरोहर की दुर्दशा बेहद चिंताजनक थी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार ने भारत की सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर के लिए विशेष बजट आवंटित कर दिया है। कॉरिडोर बनने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह आज अयोध्या और काशी आने वाले लोग भव्यता देखकर आशीर्वाद देते हैं, ठीक उसी तरह इस कॉरिडोर के पूरा होने पर यहां आने वाले भक्तों को भी सुखद अनुभूति होगी। इसके साथ ही, मंदिर तक पहुंच को आसान बनाने के लिए फोर-लेन सड़क का निर्माण भी कराया जाएगा।

विपक्ष पर साधा तीखा निशाना

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों में जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग किया जाता था। जनता के पैसे को धार्मिक धरोहरों के विकास में लगाने के बजाय केवल कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल बनाने में खर्च कर दिया जाता था। पिछली सरकारों के पास लोधेश्वर महादेव, अयोध्या या काशी के विकास के लिए कोई विजन और फंड नहीं था।

"पहले की सरकारों में कांवड़ यात्रा और रामनवमी जैसे पावन पर्वों पर रोक लगा दी जाती थी और उसे धर्मनिरपेक्षता का नाम दिया जाता था। तब कट्टा और बम का बोलबाला था, लेकिन आज का भारत ब्रह्मोस मिसाइल बना रहा है। अब प्रदेश में बेटियां और व्यापारी पूरी तरह सुरक्षित हैं। अगर कोई उपद्रव करने का दुस्साहस करेगा, तो उसकी जगह या तो जेल होगी या फिर जहन्नुम।"

जनता के पैसे की पाई-पाई का हिसाब

मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में हुए बड़े प्रोजेक्ट्स की लागत का ब्योरा देते हुए वित्तीय अनियमितताओं पर भी बात की। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि लखनऊ की जेपीएनआइसी (JPNIC) बिल्डिंग को 200 करोड़ रुपये में बनना था, लेकिन 800 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी वह अधूरी रही। गोमती रिवर फ्रंट पर भी 1700 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद काम पूरा नहीं हुआ। वहीं, जिस पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए पिछली सरकार में 15,200 करोड़ रुपये का टेंडर था, उसे वर्तमान सरकार ने महज 11,800 करोड़ रुपये में तैयार करके दिखाया।

उन्होंने कहा कि यह सारा पैसा किसी परिवार का नहीं, बल्कि राज्य की जनता का है, जिसे पहले की सरकारों ने बर्बाद किया। अब उसी पैसे का रुख मोड़कर लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर जैसे जन-कल्याणकारी और सांस्कृतिक कार्यों में लगाया जा रहा है। संबोधन के समापन पर मुख्यमंत्री ने जनता को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि सही नेतृत्व चुनने से ही क्षेत्र और आने वाली पीढ़ी का भविष्य उज्ज्वल बनता है।

 

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