नई दिल्ली: देशभर में नवरात्रि का उत्साह चरम पर है, जहां मंदिरों में भक्ति की लहरें दौड़ रही हैं तो गरबा और डांडिया के आयोजनों में रंगारंग नृत्य हो रहा है. लेकिन महाराष्ट्र के विरार क्षेत्र से इस पावन पर्व पर एक शर्मनाक घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया. न्यू विवा कॉलेज के वार्षिक गरबा समारोह में कुछ युवकों ने नाचती हुई लड़कियों के वीडियो रिकॉर्ड किए, उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म डिस्कॉर्ड पर अपलोड कर दिया और वहां अश्लील टिप्पणियां कीं.
मामले का खुलासा होते ही आयोजकों ने फौरन पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद आरोपी छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई और जांच तेज हो गई है. पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार, यह कॉलेज पिछले दो दशकों से नवरात्रि पर गरबा का भव्य आयोजन करता आ रहा है, जिसमें वर्तमान छात्रों के अलावा पूर्व छात्र और स्थानीय निवासी भी शिरकत करते हैं.
इस वर्ष 22 सितंबर से 26 सितंबर तक चले इस कार्यक्रम के दौरान एक छात्र ने डांडिया रास के बीच लड़कियों के वीडियो कैद किए और उन्हें डिस्कॉर्ड पर साझा कर दिया. न केवल वीडियो पोस्ट किए गए, बल्कि एक अन्य व्यक्ति ने इन पर फूहड़ भाषा में टिप्पणियां भी कीं, जो समाज की संवेदनशीलता पर गहरी चोट करती हैं.
घटना का पता 26 सितंबर की शाम को चला, जब एक अनाम व्यक्ति ने कॉलेज प्रबंधन को आनन-फानन में बताया कि किसी ने लड़कियों के वीडियो ऑनलाइन डालकर अभद्र टिप्पणियां की हैं. प्रबंधन ने तुरंत अन्य छात्रों से बातचीत की, तो सामने आया कि वीडियो शाहिद नामक छात्र ने अपने फोन और व्हाटएप नंबर से डिस्कॉर्ड पर अपलोड किया था.
वहीं, फैज नामक अकाउंट से इन वीडियो पर गंदे कमेंट्स किए गए थे. शिकायत मिलते ही विरार पुलिस ने शाहिद और फैज के अकाउंट धारकों के विरुद्ध तत्काल मुकदमा कायम कर लिया. अधिकारियों का कहना है कि इस कृत्य से न केवल लड़कियों की गरिमा को ठेस पहुंची है, बल्कि सामाजिक मूल्यों पर भी प्रहार हुआ है.
वर्तमान में जांच चल रही है, जिसमें पुलिस इन अकाउंट्स के असली संचालकों की तलाश कर रही है और वीडियो शेयरिंग के पूरे नेटवर्क को उजागर करने पर जुटी हुई है. यह घटना नवरात्रि जैसे पवित्र अवसर पर युवाओं की मानसिकता पर सवाल खड़े करती है और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने की आवश्यकता पर जोर देती है.