नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में शुक्रवार को एक बार फिर हिंसा भड़क गई. उपद्रवियों ने ट्रेनें रोकी और पथराव किया, जिससे हालात बेकाबू नजर आए. इससे पहले 8 अप्रैल 2025 को जंगीपुर में वक्फ विरोध रैली के दौरान स्थिति बिगड़ गई थी. प्रदर्शनकारी वक्फ कानून को वापस लेने की मांग कर रहे थे. रैली में हजारों लोग शामिल हुए, लेकिन यह जल्द ही हिंसक हो गई.
उपद्रवियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 12 को जाम कर दिया, पुलिस वाहनों में आग लगा दी और पथराव किया. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. इस हिंसा में कई लोग घायल हुए, जिनमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल थे. प्रशासन ने तनाव को देखते हुए जंगीपुर और आसपास के क्षेत्रों में धारा 163 लागू की और 11 अप्रैल 2025 की शाम 6 बजे तक इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दीं.
पुलिस ने दावा किया है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और संवेदनशील इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. हिंसा की शुरुआत एक अफवाह से हुई, जिसमें दावा किया गया कि पुलिस की कार्रवाई में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई. यह अफवाह गलत थी, लेकिन इसने भीड़ को उग्र कर दिया.
इस घटना ने राजनीतिक विवाद को भी जन्म दिया. तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की, जबकि विपक्षी दलों ने इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताया. ताजा हालात पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने राज्य मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है. जानकारी मिली है कि शुक्रवार को निमटीटी रेलवे स्टेशन पर कुछ उपद्रवियों ने ट्रेन पर पत्थर फेंके.
हिंसा को देखते हुए कई ट्रेनों को डायवर्ट किया गया और कई को रद्द कर दिया गया. भारती रलवे की ओर से जानकारी दी गई है कि न्यू फरक्का-अजीमगंज रेल खंड पर ट्रेनें बाधित है. लगभग पांच हजार लोगों ने रेलवे ट्रैक पर कब्जा कर लिया है.