नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक भयानक आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. इस हमले में कम से कम 28 आम नागरिकों की जान चली गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए. यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद इस क्षेत्र में सबसे घातक आतंकी घटनाओं में से एक माना जा रहा है. इस दुखद घटना पर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद हफीज ने भी गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ''दुखद और दिल तोड़ने वाला #PahalgamTerroristAttack.''
हमले के बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने हमलावरों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. इस अभियान का उद्देश्य उन अपराधियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाना है, जिन्होंने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है.
अमित शाह ने पीड़ितों के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद कहा, ''भारत आतंकवाद के सामने कभी नहीं झुकेगा. इस कायरतापूर्ण आतंकी हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.'' उन्होंने एक अन्य संदेश में कहा, ''हर भारतीय उन लोगों के दर्द को महसूस कर रहा है, जिन्होंने इस आतंकी हमले में अपने प्रियजनों को खोया है. इस दुख को शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है.'' शाह ने देश को आश्वासन दिया कि ''ये आतंकी, जो निर्दोष लोगों की हत्या कर रहे हैं, उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा.''
यह हमला न केवल एक त्रासदी है, बल्कि यह एक चेतावनी भी है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करने की जरूरत है. पहलगाम, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन के लिए जाना जाता है, अब इस दुखद घटना के कारण चर्चा में है. इस हमले ने न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि देश भर के लोगों को गहरे शोक में डुबो दिया है. सोशल मीडिया पर लोग अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की बात कर रहे हैं. मोहम्मद हफीज जैसे लोगों के संदेश इस बात का प्रतीक हैं कि दुख और संवेदना की कोई सीमा नहीं होती.
उनके शब्दों ने यह दिखाया कि पड़ोसी देश के लोग भी इस त्रासदी से दुखी हैं और भारत के लोगों के साथ उनकी संवेदनाएं हैं. इस दुख की घड़ी में देश एकजुट होकर पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है. सरकार ने घायलों के इलाज और पीड़ित परिवारों की मदद के लिए तत्काल कदम उठाए हैं. साथ ही, यह संकल्प लिया गया है कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा. इस तरह की घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि हमें न केवल अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना होगा, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे को भी बढ़ावा देना होगा.