Who is Lorna Hajdini: जेपीमॉर्गन की वरिष्ठ अधिकारी लोर्ना हजदिनी न्यूयॉर्क में दायर एक हाई-प्रोफाइल मुकदमे के केंद्र में हैं. एक पूर्व पुरुष कर्मचारी ने उन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उसे “सेक्स स्लेव” की तरह इस्तेमाल किया, उसके साथ जबरदस्ती की और नस्लीय उत्पीड़न किया. हालांकि 37 वर्षीय हजदिनी ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है. यह मामला इस हफ्ते की शुरुआत में ‘जॉन डो’ के द्वारा दायर किया गया था.
न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, शिकायतकर्ता की पहचान चिरायु राणा के रूप में हुई है, जो दक्षिण एशियाई मूल का बताया जा रहा है. यह मुकदमा, जिसे अब संशोधन के लिए वापस लिया गया है, हजदिनी के खिलाफ सनसनीखेज आरोपों से भरा हुआ है. पूर्व कर्मचारी, जो अब निवेश फर्म ब्रेगल सेजमाउंट में काम कर रहा है, ने आरोप लगाया कि हजदिनी ने उसे रोहिपनॉल और वियाग्रा जैसी दवाएं देकर नशे में किया और जबरन यौन संबंध बनाए. उसने यह भी दावा किया कि अगर उसने उनकी मांगें नहीं मानीं तो उसके बोनस को खतरे में डालने की धमकी दी गई.
जेपीमॉर्गन, जिसे भी इस मुकदमे में पक्षकार बनाया गया है, ने कहा कि उसकी आंतरिक जांच में इन आरोपों में कोई दम नहीं पाया गया. इसके बावजूद, इस कथित कॉरपोरेट सेक्स स्कैंडल ने हजदिनी पर ध्यान केंद्रित कर दिया है, जो पिछले 15 वर्षों से जेपीमॉर्गन चेज के साथ काम कर रही हैं. विवाद के बीच, उन्होंने अपना लिंक्डइन अकाउंट हटा दिया और उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भी उपलब्ध नहीं है. सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि उनका अकाउंट प्राइवेट कर दिया गया है.
लोर्ना हजदिनी कौन हैं?
उपलब्ध पेशेवर रिकॉर्ड के अनुसार, हजदिनी ने जेपीमॉर्गन में 15 साल बिताए हैं. वह वर्तमान में बैंक के लेवरेज्ड फाइनेंस डिवीजन में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं. उनकी भूमिका में बड़े कॉरपोरेट सौदे और बड़े स्तर की फाइनेंसिंग शामिल होती है. इस स्तर पर उनकी सालाना आय 2 लाख डॉलर (करीब 1.67 करोड़ रुपये) से अधिक होने की संभावना है, जिसमें बोनस और स्टॉक आधारित प्रोत्साहन भी शामिल हैं.
37 वर्षीय हजदिनी ने 2011 में जेपीमॉर्गन में एनालिस्ट के रूप में काम शुरू किया था. धीरे-धीरे उन्होंने पदोन्नति पाई और लगभग 10 साल बाद 2021 में एग्जीक्यूटिव बनीं. उनके बारे में सार्वजनिक जानकारी सीमित है, लेकिन उन्होंने वित्त क्षेत्र में मजबूत करियर बनाया है और निजी इक्विटी, टेक्नोलॉजी और रिटेल ग्राहकों के लिए सलाहकार के रूप में काम किया है.
जेपीमॉर्गन से पहले उन्होंने ग्लेजर कैपिटल मैनेजमेंट और ट्यूडर इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन में इंटर्नशिप की थी. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी प्रभावशाली है. उन्होंने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस से फाइनेंस और स्टैटिस्टिक्स में डिग्री हासिल की है. साथ ही हार्वर्ड बिजनेस स्कूल की शिक्षा ने उनके करियर को आकार दिया. हालांकि उनके परिवार या वैवाहिक स्थिति के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है. 2011 से अप्रैल 2026 तक उनका करियर बिना किसी विवाद या भ्रष्टाचार के आरोपों के रहा.
मुकदमे में प्रमुख खामियां
26 अप्रैल को पूर्व जूनियर द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद स्थिति बदल गई. शिकायतकर्ता की उत्पत्ति को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट हैं—कुछ उसे भारतीय मूल का बताते हैं, तो कुछ नेपाली मूल का. चिरायु राणा ने दावा किया कि यह उत्पीड़न 2024 में शुरू हुआ. न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, उन्होंने 2025 में आंतरिक शिकायत दर्ज कराई थी. हालांकि उससे पहले उन्होंने कंपनी छोड़ने के लिए मल्टी-मिलियन पाउंड के समझौते की कोशिश की थी.
मुकदमे में कई विसंगतियां भी सामने आई हैं. राणा ने कहा कि हजदिनी उनके बोनस को नियंत्रित करती थीं, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार वह सीधे उन्हें रिपोर्ट नहीं करते थे. दोनों एक ही टीम में थे, लेकिन अलग-अलग मैनेजर को रिपोर्ट करते थे—जो मुकदमे के एक अहम दावे पर सवाल उठाता है. अब देखना होगा कि आने वाले हफ्तों में यह कॉरपोरेट विवाद किस दिशा में जाता है.