इंटरनेशनल लेबर डे पर गौतम अदाणी का 50000 कामगारों को बड़ा तोफा

Global Bharat 01 May 2026 11:47: PM 3 Mins
इंटरनेशनल लेबर डे पर गौतम अदाणी का 50000 कामगारों को बड़ा तोफा

International Labour Day: अदाणी ग्रुप के फाउंडर चेयरमैन गौतम अदाणी ने इंटरनेशनल लेबर डे के मौके पर ग्रुप के भविष्य की रणनीति साझा की. उन्होंने कहा कि अब कंपनी अपनी प्रगति को सिर्फ प्रोजेक्ट या एसेट्स से नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी पर पड़ने वाले असर से भी मापेगी.

इंटरनेशनल लेबर डे के मौके पर ग्रुप के कर्मचारियों और साझेदारों को संबोधित करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि अदाणी ग्रुप, जो देश के 24 राज्यों में 700 से ज्यादा कार्य स्थलों का संचालन करता है और करीब 4 लाख कर्मचारियों, पार्टनर्स और ठेकेदारों के साथ काम करता है, अपनी प्रगति को अब सिर्फ बने हुए एसेट्स से नहीं, बल्कि पैदा हुए रोजगार और मजबूत हुए समुदायों से भी मापेगा. उन्होंने कहा कि ग्रुप की इस सोच में कामगारों को राष्ट्र निर्माण के केंद्र में रखा गया है.

उन्होंने कहा कि अदाणी ग्रुप का लक्ष्य सिर्फ प्रोजेक्ट पूरे करना नहीं, बल्कि रोजगार के अवसर बढ़ाना और समुदायों को मजबूत बनाना है. कंपनी के अनुसार, कर्मचारी, ठेकेदार और पार्टनर-सभी मिलकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देते हैं. गौतम अदाणी ने कहा, “जब हम कोई प्रोजेक्ट पूरा करते हैं, तो हम सिर्फ काम नहीं करते, बल्कि देश का भविष्य बनाते हैं.”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब सभी प्रोजेक्ट साइट्स पर लोकल लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी. पहले आसपास के इलाकों के लोगों को मौका मिलेगा, उसके बाद राज्य के अन्य हिस्सों और जरूरत पड़ने पर अन्य जगहों से लोगों को जोड़ा जाएगा. कामगारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर पहल की जा रही है. मुंद्रा और खावड़ा में लगभग 50,000 कामगारों के लिए वातानुकूलित सुविधा के साथ रहने की व्यवस्था की जा रही है. इसके अलावा मुंद्रा में एक क्लाउड किचन तैयार किया जा रहा है, जहां रोजाना करीब 1 लाख लोगों के लिए पौष्टिक खाना उपलब्ध कराया जाएगा.

गौतम अदाणी ने कहा, “यह कोई विशेष सुविधा नहीं है, बल्कि एक जरूरत है. हर कामगार को सम्मान के साथ जीने और काम करने का अधिकार है.” ग्रुप अपने काम करने के तरीके में भी बदलाव ला रहा है. फैसलों को तेज़ बनाने के लिए 3 लेयर सिस्टम लागू किया जा रहा है. इससे साइट पर होने वाले निर्णय पहले की तुलना में काफी तेजी से लिए जा सकें.साथ ही, कंपनी ठेकेदारों और पार्टनर्स के साथ लंबे समय तक काम करने के मॉडल पर फोकस कर रही है, ताकि काम में तेजी और गुणवत्ता दोनों बढ़ाई जा सके. इस मॉडल के जरिए छोटे स्तर से शुरुआत करने वाले उद्यमियों को भी आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे. इसके साथ-साथ इन पार्टनर्स को फाइनेंस की सुविधा, तय रिटर्न और लंबे समय तक साथ काम करने के मौके भी दिए जाएंगे.

उन्होंने कहा कि इस तरीके से जमीनी स्तर पर कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है. इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने गुजरात के कच्छ के हदू वेरसी रबारी का जिक्र किया, जिन्होंने एक पानी के टैंकर से काम शुरू किया था और आज कई तरह की मशीनों के साथ बड़े प्रोजेक्ट्स में काम करने वाला कारोबार खड़ा कर लिया है. इस रणनीति का तीसरा बड़ा फोकस सीखने और स्किल बढ़ाने पर है. आने वाले अदाणी स्किल्स सेंटर के जरिए कामगारों को धीरे‑धीरे आगे बढ़ने का मौका मिलेगा-अनस्किल्ड काम से लेकर स्किल्ड, सुपरवाइजर और फिर नेतृत्व की भूमिकाओं तक.

इस दौरान गौतम अदाणी ने सुब्बू की कहानी का जिक्र किया, जिन्होंने एक कामगार के तौर पर शुरुआत की और लगातार सीखते हुए कॉर्पोरेट रोल तक पहुंच गए. यह दिखाता है कि ग्रुप के अंदर ही लोगों को आगे बढ़ने के मौके देने पर जोर है. उनका यह सफर न सिर्फ उनके खुद के विकास को दिखाता है, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बने हैं.

अदाणी ग्रुप अब स्किल डेवलपमेंट पर भी जोर दे रहा है. इसके तहत कामगारों को ट्रेनिंग देकर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर दिए जाएंगे, ताकि वे समय के साथ बेहतर पदों तक पहुंच सकें. मुंद्रा पोर्ट, खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को देश के विकास से जोड़ते हुए अदाणी ने कहा कि ये सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि देश की प्रगति के साधन हैं.

Gautam Adani Adani Group International Labour Day

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