नई दिल्ली: सोने के चमकदार सफर में एक बार फिर मंदी के बादल घिर गए हैं. जनवरी में रिकॉर्ड 5,595 डॉलर प्रति औंस की ऊंचाई छूने के बाद सोना अब तक करीब 25% क्रैश कर चुका है. और अब एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि शॉर्ट टर्म में यह 3,850-4,000 डॉलर प्रति औंस तक गिर सकता है.
क्यों गिर रहा है सोना?
यूबीएस (UBS) के अनुसार, फेड की दर वृद्धि सोने की आकर्षकता को कम कर देगी क्योंकि ऊंची ब्याज दरों में गोल्ड जैसी नॉन-यील्डिंग एसेट कम पसंद की जाती है. स्टेट स्ट्रीट इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट के कमोडिटी एनालिस्ट आकाश दोशी ने कहा कि फिलहाल सोने पर दबाव बना रहेगा. मध्यपूर्व तनाव और ऊंची क्रूड कीमतों से महंगाई बढ़ने का खतरा है, जिसके चलते फेड सख्त रुख अपना सकता है.
बाजार की मौजूदा स्थिति
केंद्रीय बैंक खरीदारी का इंतजार
फिर भी पूरी उम्मीद खत्म नहीं हुई है. एनालिस्ट्स की नजरें दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की गोल्ड खरीदारी पर टिकी हैं. अगर भाव 3,850-4,000 डॉलर के स्तर पर पहुंच जाता है तो यह बड़े खरीदारों के लिए आकर्षक खरीदारी का मौका बन सकता है. जो निवेशक पिछले महीनों में ऊंचे भाव पर खरीदारी कर चुके हैं, उन्हें फिलहाल सतर्क रहना चाहिए. लंबी अवधि में सोना हमेशा की तरह सुरक्षित माना जाता है, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.