नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते तथा होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है. इसके चलते भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें जल्द घटने की संभावना जताई जा रही है. सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 4% से ज्यादा गिरकर 83.75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जबकि WTI क्रूड 5% टूटकर 80.87 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया.
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि बाजार की स्थिति पर नजर रखी जा रही है. हालांकि, तेल कंपनियां अभी नुकसान की भरपाई कर रही हैं, इसलिए कीमतों में कटौती को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी. मई के मध्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 7-8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी. अब कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि जल्द ही राहत मिलेगी.
सरकार और तेल कंपनियां मिलकर स्थिति का आकलन कर रही हैं. अगर कच्चे तेल की कीमतें इस स्तर पर स्थिर रहीं तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल सस्ते हो सकते हैं. यह खबर आम लोगों, ट्रांसपोर्टरों और उद्योग जगत के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है. कीमतों में कटौती की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है.