चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे एक युवा जोड़े को पुलिस सुरक्षा देने से साफ मना कर दिया. कोर्ट ने कहा कि माता-पिता के घर से भागकर साथ रहने से कपल न सिर्फ अपने परिवार का नाम बदनाम कर रहा है, बल्कि माता-पिता के गरिमा और सम्मान के अधिकार का भी उल्लंघन कर रहा है.
न्यायमूर्ति संदीप मौदगिल की एकलपीठ ने 5 जून को दिए आदेश में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार भी शामिल है. कोर्ट ने टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता (कपल) माता-पिता के घर से भागकर परिवार का नाम खराब कर रहे हैं.
कोर्ट ने क्या-क्या कहा?
युगल ने दावा किया था कि लड़की के परिवार वाले उन्हें अलग करने के लिए दबाव डाल रहे हैं और लड़के पर झूठा केस दर्ज कराने की धमकी दे रहे हैं. उन्होंने पुलिस सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि थोड़े समय तक साथ रहने भर से कोई वैध लिव-इन रिलेशनशिप साबित नहीं हो जाती. यह फैसला लिव-इन रिलेशनशिप और पारंपरिक सामाजिक मूल्यों के बीच टकराव को एक बार फिर उजागर करता है.