छतरपुर: योगगुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को छतरपुर में बड़ा कानूनी झटका लगा है. छतरपुर के एडीएम कोर्ट ने पतंजलि के पैकेटबंद दलिया को मिसब्रांडेड (मिथ्याछाप) पाए जाने पर कंपनी समेत पूरी सप्लाई चेन पर कुल 3 लाख 40 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है. कोर्ट ने पाया कि पतंजलि दलिया के पैकेट पर अनिवार्य पोषण संबंधी जानकारी (Nutrition Information) छिपाई गई थी, जो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के नियमों का सीधा उल्लंघन है.
पूरा मामला क्या है?
17 नवंबर 2022 को छतरपुर के सागर रोड स्थित अपना किराना बाजार से खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने पतंजलि दलिया (500 ग्राम) का सैंपल लिया था. इस सैंपल को भोपाल स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया, जहां रिपोर्ट में इसे नियमों के विरुद्ध पाया गया. पैकेट पर पोषण मूल्य (Nutrition Facts) छापना अनिवार्य था, लेकिन कंपनी ने इसे नहीं छापा.
कोर्ट ने किस-किस पर लगाया जुर्माना?
पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड (हरिद्वार) — ₹1,00,000
एस. परणीत राजन (कंपनी नॉमिनी) — ₹1,00,000
रविकांत दुबे (सप्लायर, झांसी) — ₹50,000
संजय कुमार अग्रवाल (स्थानीय व्यापारी) — ₹50,000
संदीप विश्वकर्मा एवं कृष्ण कुमार विश्वकर्मा (दुकानदार) — ₹20,000 प्रत्येक
कंपनी की दलील खारिज
कोर्ट ने सभी दोषियों को एक सप्ताह के अंदर जुर्माना जमा करने के सख्त निर्देश दिए हैं. पतंजलि की ओर से दलील दी गई कि बाद में दलिया को न्यूट्रिशन लेबलिंग से छूट मिल गई है, लेकिन कोर्ट ने इसे सिरे से खारिज कर दिया.
कोर्ट ने कहा कि नमूना 17 नवंबर 2022 को लिया गया था, जब यह छूट लागू नहीं थी. नियम का उल्लंघन जिस तारीख को हुआ, सजा उसी के आधार पर होगी. यह फैसला जन स्वास्थ्य और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा को लेकर कोर्ट के सख्त रवैये को दर्शाता है. पतंजलि की ओर से अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.