संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने एक सख्त कदम उठाते हुए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की पूरी टीम को निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई एक कबाड़ी से अवैध वसूली के गंभीर आरोप साबित होने के बाद की गई है.
मामला 2 फरवरी की रात का है, जब मुरादाबाद के बिलारी निवासी कबाड़ी जफरूद्दीन अपने बेटे आस मोहम्मद के साथ मोबाइल प्लेट का कबाड़ लेकर संभल के लाडम सराय इलाके की ओर जा रहे थे. एसओजी टीम ने उनकी बाइक रोक ली और दोनों को संभल कोतवाली क्षेत्र की चौधरी सराय पुलिस चौकी ले जाया गया.
आरोप है कि टीम ने पिता-पुत्र को रिहा करने के बदले 30 हजार रुपए वसूले और उनके पास मौजूद मोबाइल प्लेट गलाने से निकलने वाली धातु (जिसका मूल्य करीब 40 हजार रुपए बताया जा रहा है) को भी अपने कब्जे में ले लिया. अगले दिन 3 फरवरी को जब कबाड़ी ने धातु वापस मांगी, तो टीम ने कथित तौर पर और पैसे की मांग की.
इसके बाद पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से शिकायत की. एसपी ने सीओ आलोक कुमार भाटी से जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए. नतीजतन, एसपी ने एसओजी प्रभारी एसआई मोहित चौधरी समेत आठ पुलिसकर्मियों, हेड कांस्टेबल कुलवंत, अरशद, कांस्टेबल अजनबी, आयुष, विवेक, बृजेश और हिरेश को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया.
वर्तमान में एसओजी का प्रभार बोबिंद्र शर्मा को सौंपा गया है. यह घटना पुलिस विभाग में साफ-सफाई और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एसपी के सख्त रुख को दर्शाती है. यह कार्रवाई सीएम योगी के उस दावे की पुष्टि करती है, जिसमें उन्होंने कहा था कि चाहे आम हो या खास, गलत करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। संभल एसपी की यह कार्रवाई पुलिस विभाग के लिए एक नजीर बनेगी।