हर साल 50,000 रुपए प्रीमियम भरा, मां बीमार पड़ी तो फूटी कौड़ी नहीं मिली!

Amanat Ansari 17 Feb 2026 02:20: AM 1 Mins
हर साल 50,000 रुपए प्रीमियम भरा, मां बीमार पड़ी तो फूटी कौड़ी नहीं मिली!

Truth about health insurance premiums: एक बेटे ने अपनी मां के लिए हर साल ₹50,000 का हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम दिया. जब मां बीमार पड़ीं तो उन्हें पूरा भरोसा था कि पॉलिसी उनके साथ खड़ी रहेगी. लेकिन इसके बजाय वे इंश्योरेंस कंपनी के ऑफिस से खाली हाथ और सदमे में लौट आए. उनके X (ट्विटर) पर पोस्ट किए गए इस मामले ने अब व्यापक बहस छेड़ दी है कि क्या सिर्फ हेल्थ इंश्योरेंस खरीद लेना काफी है, या असली परेशानी क्लेम दाखिल करने पर शुरू होती है?

उन्होंने बताया कि वे मां की पॉलिसी के लिए हर साल करीब ₹50,000 प्रीमियम भरते रहे. इलाज की जरूरत पड़ने पर वे लखनऊ में स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस के ऑफिस गए.
उनका आरोप है कि उन्हें घंटों इंतजार करवाया गया और क्लेम ठुकरा दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि एक एजेंट ने उनसे कहा कि हमसे पूछकर पॉलिसी थोड़ी ली थी.

पोस्ट में सवाल उठाया गया कि इंश्योरेंस कंपनियां समय पर प्रीमियम तो मांगती हैं, लेकिन क्लेम के समय आपत्तियां क्यों उठाती हैं? क्या हेल्थ इंश्योरेंस अब सिर्फ कागजी वादा बनकर रह गया है, असली सुरक्षा नहीं? यह पोस्ट तेजी से वायरल हुआ और लोगों का समर्थन मिला. कई यूजर्स ने अपनी समान परेशानियां साझा कीं.

लोगों का गुस्सा और सवाल

  • एक यूजर ने लिखा कि इंश्योरेंस कंपनियों का एक ही काम है- पैसे इकट्ठा करना, और लोग धोखे में रहते हैं.
  • दूसरे ने सरकारी अधिकारियों को टैग करके हस्तक्षेप की मांग की.
  • एक अन्य ने बताया कि वे 8 साल से लगभग ₹80,000 सालाना प्रीमियम भर रहे हैं और अब डर लग रहा है कि क्लेम के समय उनके साथ भी यही होगा.
  • कई कमेंट्स में सख्त नियम-कानून और कोर्ट के हस्तक्षेप की मांग की गई. ज्यादातर जवाबों में डर, गुस्सा और अविश्वास झलक रहा है.

स्टार हेल्थ का जवाब

स्टार हेल्थ ने पोस्ट के नीचे सार्वजनिक जवाब दिया. कंपनी ने कहा कि क्लेम का फैसला दस्तावेजों में दी गई जानकारी और सत्यापित मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर होता है.   अगर जांच में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने का पता चलता है, तो पॉलिसी शर्तों और नियामक नियमों के अनुसार कंपनी को कार्रवाई करनी पड़ती है. फैसले की समीक्षा और शिकायत निवारण की प्रक्रिया मौजूद है ताकि निष्पक्षता बनी रहे. हालांकि कंपनी ने ऑफिस में बुरा व्यवहार या एजेंट की कही बात पर कोई टिप्पणी नहीं की.

health insurance claim rejection Star Health claim dispute IRDAI complaint process

Recent News