नई दिल्ली: जयपुर में वैलेंटाइन डे के दिन पार्कों में एक अनोखा नजारा देखने को मिला. कुछ युवकों ने खुद को बजरंग दल से जुड़ा बताते हुए लाठी-डंडे लेकर पहुंचे और बैठे हुए कपल्स से नाम-पता, आधार कार्ड जैसी चीजें मांगने लगे. वे युवक-युवतियों को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे थे. बंटी-बबली को ढूंढकर हड्डी-पसली तोड़ने के नारे लगा रहे थे. लेकिन इस बार प्लान उल्टा पड़ गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत हस्तक्षेप किया.
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घटना ज्योतिबा फुले सर्कल के पास एक पार्क की है. लोगों उन युवकों को घेर लिया और पूछा - "आप कौन होते हो किसी की प्राइवेसी में दखल देने वाले? अपना आईडी कार्ड, आधार दिखाओ!" लोग मोबाइल कैमरे निकालकर वीडियो बनाने लगे और कानूनी एक्शन की बात करने लगे.
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इसी तरह मानसरोवर इलाके के सिटी पार्क में भी ऐसा ही हुआ. वहां कुछ महिलाएं भी शामिल थीं, जो कपल्स से पूछताछ कर रही थीं. लेकिन जनता ने विरोध जताया - "पुलिस ने आपको यह अधिकार दिया है? क्या आप शहर का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हो?" गुस्साए लोगों के सवालों और कैमरों के सामने इन युवकों का जोश ठंडा पड़ गया. वे बिना कुछ कहे मौके से भाग खड़े हुए.
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ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए हैं. लोग लिख रहे हैं कि कोई भी संगठन सड़कों पर डंडे लेकर निजी जिंदगी में दखल नहीं दे सकता. यह "मोरल पुलिसिंग" का नाम पर गुंडागर्दी है. राजस्थान पुलिस की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन घटना ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और कानून के राज पर बहस छेड़ दी है. कुछ रिपोर्ट्स में बजरंग दल के पदाधिकारियों ने कहा है कि ये लोग उनके संगठन से जुड़े नहीं थे.