Nepal House of Representatives elections: नेपाल में 5 मार्च को होने वाले प्रतिनिधि सभा चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं. इस बीच पड़ोसी देश की राजनीति में राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) का चुनावी घोषणापत्र खासी चर्चा बटोर रहा है. आरपीपी ने हाल ही में काठमांडू में अपना मेनिफेस्टो जारी किया, जिसमें पार्टी अध्यक्ष राजेंद्र लिंगदेन ने इसे पेश किया. पार्टी ने नेपाल को वैदिक सनातन धर्म पर आधारित हिंदू राष्ट्र घोषित करने का स्पष्ट वादा किया है.
साथ ही, सेक्युलर व्यवस्था को अस्वीकार करते हुए सभी धर्मों के लिए पूर्ण धार्मिक स्वतंत्रता और समानता सुनिश्चित करने की बात कही गई है.पार्टी ने पृथ्वीनारायण शाह के 'दिव्य उपदेश' को आधार बनाकर 'पृथ्वी पथ' को राष्ट्र निर्माण का मूल सिद्धांत बताया है.
मुख्य मांगों में शामिल हैं:
आरपीपी का नारा है कि वे भ्रष्टाचार को कुचल देंगे, लेकिन खुद कभी भ्रष्ट नहीं होंगे. पार्टी का दावा है कि उनका विजन सभी समुदायों के सम्मान और धार्मिक सद्भाव को मजबूत करने वाला है, ताकि नेपाल में स्थिरता, समृद्धि और राष्ट्रीय एकता कायम रहे. यह घोषणापत्र भारत के पड़ोसी देश में राजनीतिक बहस को और गरमा रहा है, खासकर जब से जेन-जी आंदोलन के बाद राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है.