Crime News: बिहार के लखीसराय जिले में महाशिवरात्रि के पवित्र अवसर पर एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है. मेदनी चौकी थाना क्षेत्र के एक गांव में मात्र 8 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं.
रविवार सुबह लगभग 9 से 10 बजे के बीच बच्ची ने नहाकर अपनी मां से पूजा के लिए फूल तोड़ने की इजाजत ली और घर के नजदीक बगीचे की ओर निकल गई. इसी दौरान उसी गांव का रहने वाला 50 वर्षीय गोपाल मिश्रा ने मौके का फायदा उठाया. उसने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर में ले जाकर बंद कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म की हैवानियत की.
बच्ची की चीख-पुकार सुनकर आसपास की एक चाय वाली महिला और पड़ोसियों को संदेह हुआ. उन्होंने खिड़की से झांककर देखा तो दर्दनाक नजारा सामने आया. गुस्साए ग्रामीणों ने तुरंत दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गए. वहां बच्ची खून से लथपथ और बेहाल हालत में मिली, जबकि आरोपी मौके पर ही पकड़ा गया.
पुलिस को सूचना मिलते ही थाना प्रभारी चित्तरंजन कुमार और एसडीपीओ शिवम कुमार बड़ी फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. आरोपी गोपाल मिश्रा को उसके घर से ही गिरफ्तार कर लिया गया और उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. FSL टीम ने मौके से बिस्तर, चादर, तकिए पर खून के निशान, आरोपी के शरीर पर संघर्ष के घाव और खून के धब्बे जैसे महत्वपूर्ण सबूत जुटाए.
गांव वालों के मुताबिक, गोपाल मिश्रा अकेला रहता था क्योंकि उसकी पत्नी और बच्चे 10 साल पहले उसे छोड़कर चले गए थे. वह पहले से ही महिलाओं और लड़कियों के प्रति गलत हरकतों के लिए कुख्यात था, हालांकि उसके खिलाफ कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं थी. पीड़िता को तुरंत लखीसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है.
डॉक्टरों की टीम उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति पर लगातार नजर रख रही है. एसडीपीओ शिवम कुमार ने बताया कि इस मामले में फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराई जाएगी. पुलिस का लक्ष्य एक महीने के अंदर सभी सबूत कोर्ट में पेश कर आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाना है. यह घटना समाज में एक बार फिर सुरक्षा, खासकर नाबालिग बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है.