नई दिल्ली: मुंबई पुलिस ने एक चालाक ठग को हाल ही में दबोचा है, जो मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स पर तलाकशुदा महिलाओं को निशाना बनाता था. यह व्यक्ति वैलेंटाइन डे से ठीक पहले गिरफ्तार हुआ. आरोपी का नाम विराज भोसले है, जो पुणे के तलेगांव दाभाडे का रहने वाला बताया जाता है. वह खुद को आईपीएस अधिकारी का बेटा, एक एनजीओ 'स्त्री सूत्रम फाउंडेशन' का चेयरमैन और प्रभावशाली लोगों से जुड़ा हुआ व्यक्ति बताकर महिलाओं का भरोसा जीतता था.
उसका मुख्य तरीका शादी का झूठा वादा करना, सरकारी योजनाओं के तहत सस्ता घर या फिल्म इंडस्ट्री में नौकरी दिलाने का लालच देना था. एक ताजा मामले में उसने मुलुंड पूर्व की 42 वर्षीय ग्राफिक डिजाइनर महिला से करीब 17.73 लाख रुपये ठगे. महिला का करीब दस साल पहले तलाक हो चुका था और वह मैट्रिमोनियल साइट पर जीवनसाथी की तलाश में थी.
पिछले साल सितंबर में आरोपी ने उसे प्रपोजल भेजा, जिसे शुरू में इग्नोर किया गया, लेकिन अक्टूबर में दोबारा रिक्वेस्ट आने पर महिला ने स्वीकार कर लिया. फिर आरोपी ने फोन पर संपर्क किया और अपनी झूठी पहचान बताई. उसने महिला को बताया कि वह तलाकशुदा महिलाओं, विधवाओं और सिंगल मदर्स की मदद करने वाला एनजीओ चलाता है.
इसी बहाने उसने सरकारी स्कीम से सस्ता घर दिलाने का वादा किया और पहले 7 लाख रुपे मांगे. महिला ने भरोसा करके अपने सेविंग्स से पैसे ट्रांसफर किए, फिर अलग-अलग चार्ज के नाम पर और रकम मांगी. महिला ने पर्सनल लोन भी लिया और कुल मिलाकर 17.73 लाख रुपए बैंक ट्रांसफर और GPay से आरोपी को दे दिए.
जब आरोपी ने मैसेज और कॉल का जवाब बंद कर दिया, तो महिला को धोखे का पता चला. उसने 3 फरवरी को नवघर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 352 और 351(2) के तहत केस दर्ज हुआ. पुलिस ने आरोपी के मोबाइल लोकेशन से वर्सोवा में उसे ट्रेस कर गिरफ्तार किया. जांच में उसकी मर्सिडीज कार जब्त की गई.
पूछताछ में पता चला कि मुंबई में उसका कोई स्थायी घर नहीं है और वह कार में ही रह रहा था. आरोपी ने कई नाम इस्तेमाल किए जैसे युराज, राजवीर, सतीश, वीरेंद्र आदि. पुलिस के अनुसार, ठाणे, मुंबई के विभिन्न थानों और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग में उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं. ऐसा लगता है कि उसने कई अन्य महिलाओं को भी इसी तरह ठगा है.
पुलिस ने अन्य पीड़ित महिलाओं से आगे आकर शिकायत करने की अपील की है, ताकि आरोपी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके. कोर्ट ने आरोपी को 15 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. यह मामला ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट्स पर सतर्क रहने की जरूरत को फिर से रेखांकित करता है.