नई दिल्ली: महाराष्ट्र के वसई में एक स्वयंभू 'गॉडमैन' के खिलाफ एक 35 वर्षीय महिला से बलात्कार करने और उसे ब्लैकमेल करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है. अपराध के दौरान आरोपी ने खुद को भगवान शिव का अवतार बताया और पीड़िता को देवी पार्वती कहा. यह मामला सामने आया जब महिला ने आध्यात्मिक गुरु और पूर्व नौसेना कर्मचारी अशोक खरात के गिरफ्तार होने की खबर देखकर हिम्मत जुटाकर माणिकपुर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई.
शिकायत के अनुसार, आरोपी ऋषिकेश वैद्य ने 2023 में फेसबुक के जरिए महिला से संपर्क किया. आध्यात्मिक उपदेश के बहाने वैद्य, जो 'आमची वसई फाउंडेशन' के प्रमुख भी हैं ने पहली बार दिसंबर 2023 में पुणे के एक लॉज में महिला से मिले. वहां उन्होंने महिला को नशीला पदार्थ देकर बलात्कार किया.
बलात्कार के दौरान वैद्य ने महिला की अश्लील तस्वीरें बिना सहमति के खींच लीं. बाद में इन तस्वीरों का इस्तेमाल ब्लैकमेल करने के लिए किया गया. वैद्य ने इन तस्वीरों से डराकर महिला को बार-बार यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया. मई 2025 में उन्होंने महिला को वसई के एक होटल में बुलाया और फिर से यौन शोषण की कोशिश की. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि ऋषिकेश वैद्य अपने धार्मिक चेहरे का इस्तेमाल करके कई अन्य महिलाओं को भी इसी तरह फंसाकर यौन शोषण कर चुका है.
अशोक खरात मामले की खबर देखने के बाद महिला के पति ने माणिकपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद मामले को मूल घटनास्थल वाले थाने में ट्रांसफर कर दिया गया. पुलिस जांच कर रही है कि आरोपी ने और कितनी महिलाओं का शोषण किया होगा, जिन्हें वह चुप रहने के लिए धमकाता रहा होगा.
यह महाराष्ट्र का दूसरा ऐसा मामला है, जिसमें एक हफ्ते के अंदर एक और आध्यात्मिक नेता पर महिला से बलात्कार का आरोप लगा है. एक हफ्ते पहले अशोक खरात को नासिक क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था. उन पर भी धार्मिक प्रथाओं के बहाने एक महिला का बलात्कार करने और कई अन्य महिलाओं का शोषण करने का आरोप है.
पुलिस के अनुसार, खरात ने एक 35 वर्षीय विवाहित महिला को पूजा-पाठ और दिव्य शक्तियों का दावा करके प्रभावित किया, उसे नशीला पदार्थ दिया, सम्मोहन का इस्तेमाल किया और नवंबर 2022 से दिसंबर 2025 तक बार-बार उसका यौन शोषण किया. पीड़िता ने पुलिस में शिकायत करने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने IPS अधिकारी तेजस्विनी सातपुते के नेतृत्व में इस मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की है.