अविमुक्तेश्वरानंद पर भड़के योगी के मंत्री ने दिया बड़ा बयान, ''धार्मिक पदों का दुरुपयोग नहीं करने देंगे''

Amanat Ansari 31 Jan 2026 06:59: PM 1 Mins
अविमुक्तेश्वरानंद पर भड़के योगी के मंत्री ने दिया बड़ा बयान, ''धार्मिक पदों का दुरुपयोग नहीं करने देंगे''

Shankaracharya Avimukteshwaranand vs Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार धार्मिक पदों को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं होने देगी.

गोवंश संरक्षण पर सरकार की प्राथमिकता

मंत्री ने जोर देकर कहा कि योगी सरकार के लिए गोवंश संरक्षण सबसे ऊपर है. 2017 में सत्ता संभालते ही अवैध बूचड़खानों पर सख्त कार्रवाई की गई, जो सरकार के शुरुआती प्रमुख फैसलों में शामिल था. उन्होंने आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद तथ्यों से अनभिज्ञ होकर बयान दे रहे हैं और प्रदेश में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.

गौकशी और गोमांस पर सख्त कानून

धर्मपाल सिंह ने दोहराया कि उत्तर प्रदेश में गौकशी और गोमांस का व्यापार पूरी तरह प्रतिबंधित है. सरकार ने संबंधित कानूनों को और मजबूत बनाया है. कई गंभीर मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई की गई है. राज्य की नीति जीरो टॉलरेंस की है, यानी गौकशी के प्रति बिल्कुल कोई नरमी नहीं बरती जाती.

शंकराचार्य पद पर स्पष्ट रुख

मंत्री ने कहा कि शंकराचार्य कोई संवैधानिक या सरकारी पद नहीं है. यह पूरी तरह धार्मिक मठों और परंपराओं से जुड़ा मामला है. सरकार किसी को शंकराचार्य घोषित नहीं करती और न ही किसी धार्मिक नेता को आधिकारिक मंच पर इस रूप में मान्यता देती है. उन्होंने जोर दिया कि राज्य सरकार ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को कभी शंकराचार्य के रूप में आधिकारिक मान्यता नहीं दी है.

धार्मिक पदों का दुरुपयोग रोकने का संकल्प

धर्मपाल सिंह ने साफ कहा कि धार्मिक पदों को राजनीति का औजार नहीं बनने दिया जाएगा. यदि कोई धार्मिक पद की आड़ में भ्रम फैलाने या गलत बयानबाजी करता है, तो उसे सरकारी मान्यता नहीं मिल सकती. सरकार का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है—आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

वैध मांस व्यापार की सीमा

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में केवल सुअर और बकरी के मांस का कारोबार कानूनी रूप से वैध है. गोवंश से जुड़े किसी भी प्रकार के उत्पादन या व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध है. यह बयान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के गोवंश संरक्षण और सरकार की नीतियों पर दिए गए हालिया टिप्पणियों के जवाब में आया है, जिससे राजनीतिक और धार्मिक बहस तेज हो गई है.

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