भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने एक ऐसी स्कीम की घोषणा की है, जिससे बिना सिबिल स्कोर और सैलरी प्रूफ के भी लोग मिलना आसान हो जाएगा. इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से जिन लोगों को सिबिल स्कोर (Cibil Score) कम होने से या क्रेडिट हिस्ट्री खराब होने से लोन नहीं मिल पा रहा था वह भी आसानी से लोन प्राप्त कर सकते हैं. इसे लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (ULI) प्लेटफॉर्म की घोषणा की है.
स्पाइस मनी के फाउंडर और सीईओ दिलीप मोदी के हवाले से मीडिया रिपोर्ट से जानकारी मिली है कि यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (Unified Lending Interface) एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है और यह लोन देने की प्रक्रिया को आसान बनाता है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में और कम रकम का लोन लेने वालों को आसानी से लोन प्राप्त हो जाएगा. इसका उद्देश्य उधारकर्ता से संबंधित सभी मौजूदा जानकारी को एक ही मंच पर लाना है.
वहीं एनटीटी डेटा पेमेंट सर्विसेज इंडिया के सीएफओ राहुल जैन बताया है कि ULI के जरिए लोन देने वाले बैंक, एनबीएफसी और अन्य प्रतिष्ठान लोन लेने वालों की वित्तीय और गैर-वित्तीय जानकारी तक पहुंच सकते हैं. वहीं फाइब के को-फाउंडर और सीएफओ आशीष गोयल के ने बताया है कि आधार, ई-केवाईसी रेकॉर्ड, पैन की जानकारी और राज्य भूमि रिकॉर्ड जैसी विभिन्न वित्तीय जानकारी को उधारकर्ता की फाइनेंशियल प्रोफाइल बनाने के लिए लिया जएगा. इन्हीं जानकारियों के आधार पर उपभोक्ताओं को लोन दिया जाएगा. साथ ही ULI प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोन देने की प्रक्रिया में काफी तेजी आएगी.
इसका पायलट प्रोजेक्ट एक साल पहले शुरू किया गया था. उस समय इसका उपयोग पर्सनल लोन, एमएसएमई लोन, किसान क्रेडिट कार्ड, डेयरी लोन, होम लोन, आदि के लिए होता था, जबकि इस समय एमएसएमई लोन (MSME Loans), किसान लोन, पर्सनल लोन के लिए भी यूएलआई प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा. हालांकि इस प्लेटफॉर्म को अभी लॉन्च नहीं किया गया है. जानकारी मिल रही है कि RBI के द्वारा इसे जल्द ही लॉन्च किया गया जाएगा.