नई दिल्ली: 10 जनवरी 2026 की दोपहर, जब अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा था, लंबी दाढ़ी वाला एक व्यक्ति मंदिर के अंदर घुसता है, भगवान राम के दर्शन करता है, किसी को कोई शक नहीं होता, क्योंकि राम मंदिर में मुस्लिमों की एंट्री बैन नहीं है, लेकिन फिर वो कुछ ऐसा करता है, जिसके बाद से राम मंदिर में मुस्लिमों की एंट्री बैन करने की मांग उठने लगी है...
वो व्यक्ति मुख्य मंदिर से करीब 200 मीटर दूर बने सीता रसोई के पास जाकर एक कपड़ा बिछाने लगता है, और जैसे ही नमाज का पोज बनाता है, वहां खड़े सुरक्षाकर्मी उसे रोक देते हैं...
उनके रोकते ही वो अल्लाह हू अकबर के नारे लगाने लगता है, सुरक्षाकर्मियों को खतरा नजर आता है, तो तुरंत उसे दबोच लेते हैं, ये सारी घटना D1 गेट के पास लगे सीसीटीवी फुटेज में भी कैद होती है, पर सीसीटीवी चेक करने से पहले सबसे बड़ा सवाल ये था कि क्या इसके साथ कोई और भी है, औऱ क्या राम मंदिर के किसी और कोने पर भी कोई घुसा है, उधर सुरक्षाकर्मी सर्च अभियान चला रहे होते है, इधर इस व्यक्ति की तलाशी शुरू होती है, तो इसके बैग से काजू-किशमिश के पैकेट निकलते हैं, जिसका इस्तेमाल अक्सर कश्मीर में लंबे वक्त छिपे रहने के लिए देश के दुश्मन भी करते हैं, इसके पास से कश्मीरी लबादा भी मिलता है, जो वहां ठंड ज्यादा होने की वजह से लोग इस्तेमाल करते हैं, ऐसे में पुलिस का शक राम मंदिर की सुरक्षा को लेकर और गहरा जाता है, कहीं ये किसी बड़े खतरे की आहट तो नहीं, इसलिए वहां मौजूद खुफिया एजेंसियां, राम मंदिर की सुरक्षा के लिए बनी स्पेशल फोर्स और LIU के अधिकारी इससे अपने तरीके से पूछताछ करते हैं...
ये खुद का नाम अब अहद शेख, उम्र- 55 साल, पता- शोपियां, जम्मू-कश्मीर बताता है.. इसकी बताई जानकारी को वेरिफाई करने के लिए पुलिस तुरंत जम्मू-कश्मीर पुलिस से संपर्क साधती है तो इसका बताया गया पता और नाम सही निकलता है, इससे एक बात साफ थी कि ये सीमापार करके आया कोई दुश्मन नहीं, बल्कि हिंदुस्तान का ही रहने वाला है... पर बीते दिनों दिल्ली में हुए धमाके के बाद शोपियां के रहने वाले एक मौलाना को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, और उस पर ही कईयों को बरगलाने के आरोप लगे थे, इसलिए शक की सुई कई ओर घूम रही थी... पर जम्मू-कश्मीर पुलिस जैसे ही इसका पता लगाती है, मीडिया चैनल्स इसका ठिकाना ढूंढते हैं, इसका बेटा इमरान कहता है कि मेरे अब्बू 5-6 दिन पहले घर से निकले थे, ये नहीं पता कि कहां गए, वो मानसिक रूप से बीमार रहते हैं, इसलिए वहां चले गए होंगे.
पर सवाल ये उठता है कि मानसिक रूप से बीमार बताकर कहीं कोई बड़ी घटना को कम आंकने की कोशिश तो नहीं की जा रही है, पुलिस को इस थ्योरी पर फिलहाल यकीन नहीं होगा, क्योंकि कोई भी व्यक्ति जिसकी दिमागी हालत ठीक नहीं होगी, वो अयोध्या जैसी हाई सिक्योरिटी जगह पर राम मंदिर में घुसकर नमाज पढ़ने की कोशिश नहीं करेगा, क्योंकि ऐसी जगह पर ऐसी हरकतें करने की 3 वजह हो सकती है.
असली वजह की तलाश में पुलिस जुटी है, क्योंकि 55 साल का कश्मीरी व्यक्ति अयोध्या राम मंदिर किस मंशा से पहुंचा ये सवाल हर किसी के दिमाग में घूम रहा है...वो भी तब जब बीते दिनों ही पीएम मोदी ने राम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज लहराया और द्वादशी प्राण प्रतिष्ठा का महोत्सव मनाया, पीएम मोदी से लेकर मोहन भागवत औऱ सीएम योगी समेत कई दिग्गज मौजूद रहे...उसके बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने अन्नपूर्णा मंदिर पर धर्मध्वज फहराया, तो क्या ये तस्वीरें कुछ दुश्मनों को रास नहीं आ रही, और मंदिर के खिलाफ वो साजिश में लगे हैं...
फिलहाल अब अहद शेख का नाता किस-किससे है, वो कश्मीर से अयोध्या कैसे पहुंचा, कहां रुका, किसने उसे मंदिर में जाने को कहा, इन सारे सवालों का जवाब सुरक्षा एजेंसियां तलाश रही हैं... पर हनुमानगढ़ी के मुख्य पुजारी महंत रमेश दास तो ये तक कहते हैं कि राम मंदिर परिसर में मुस्लिमों का प्रवेश पूरी तरह से रोका जाना चाहिए, केन्द्र और प्रदेश सरकार को तत्काल एक्शन लेना चाहिए.
हनुमानगढ़ी के एक और संत ये तक कहते हैं कि अयोध्या में कई मुस्लिम रूप बदलकर बिजनेस कर रहे हैं, उनकी भी पहचान होनी चाहिए, इस घटना के बाद हर कोई अपने-अपने तरीके से अपनी बात कह रहा है,तो आप इन मांगो पर क्या सोचते हैं. अयोध्या की सुरक्षा और फुलप्रूफ कैसे होगी ताकि ऐसी हिमाकत कोई दोबारा न कर पाए, अपनी राय जरूर दें..