अयोध्या: उत्तर प्रदेश के पवित्र शहर अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में शनिवार (10 जनवरी) को एक संवेदनशील घटना ने पूरे प्रशासन को हाई अलर्ट पर ला दिया है. जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के निवासी 55 वर्षीय अहमद शेख (या अबू अहद शेख) नामक व्यक्ति ने मंदिर परिसर के भीतर नमाज पढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया. इस घटना के बाद दर्शन मार्ग, मुख्य परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है.
घटना के अनुसार, आरोपी व्यक्ति गेट नंबर D1 से मंदिर परिसर में प्रवेश किया. वह राम लला के दर्शन करने के बाद दक्षिणी परकोटे क्षेत्र में स्थित सीता रसोई के पास पहुंचा, जहां उसने अचानक नमाज अदा करने की तैयारी शुरू कर दी. प्रत्यक्षदर्शियों और सुरक्षा कर्मियों के मुताबिक, जैसे ही उसने ऐसा करना शुरू किया, मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे रोक लिया. रोकने पर आरोपी ने कथित तौर पर कुछ धार्मिक नारे भी लगाए, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई.
पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने आरोपी को राम जन्मभूमि पुलिस चौकी में ले जाकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है. एसपी (सुरक्षा) बलरामाचारी दुबे के नेतृत्व में जांच चल रही है. प्रारंभिक जांच में उसके पास से काजू-किशमिश जैसी सूखी मेवे, लगभग 2700 रुपये नकद और कुछ फोन नंबरों वाली डायरी बरामद हुई है. आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह अजमेर जा रहा था. जांचकर्ता उसके अयोध्या आने के उद्देश्य, यात्रा विवरण और किसी अन्य की संलिप्तता की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं.
कुछ रिपोर्ट्स में तीन व्यक्तियों (दो युवक और एक युवती) को भी हिरासत में लिए जाने की बात कही गई है, जो कश्मीरी बताए जा रहे हैं और परिसर में इसी तरह की गतिविधि में शामिल थे. हालांकि, मुख्य फोकस अहमद शेख पर है.
घटना के बाद अयोध्या प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए हैं. दर्शन मार्ग पर अतिरिक्त चेकिंग पॉइंट लगाए गए हैं, मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वाड की तैनाती बढ़ा दी गई है. हर आने वाले श्रद्धालु की गहन तलाशी ली जा रही है. मंदिर परिसर के चारों ओर पैट्रोलिंग और निगरानी को दोगुना कर दिया गया है. आने वाले मकर संक्रांति पर्व को देखते हुए, जब लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचने वाले हैं, सुरक्षा को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही.
आरोपी के परिवार ने दावा किया है कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उनके पास इससे जुड़े मेडिकल रिकॉर्ड भी हैं. परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्हें अहमद शेख के अयोध्या आने की कोई जानकारी नहीं थी. हालांकि, पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है और जम्मू-कश्मीर पुलिस से संपर्क कर पूरी जानकारी जुटा रही है.
यह घटना राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, जहां प्रतिदिन औसतन 1.5 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार जांच सभी पहलुओं से की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति न बने.
हनुमानगढ़ी के मुख्य पुजारी महंत राजू दास ने इस घटना की निंदा की है और इसे सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करार दिया है. उन्होंने सख्त कार्रवाई की मांग की है. अयोध्या पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और स्थिति पर पूरी नजर रखे हुए हैं. यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है, और जांच के नतीजे आने वाले दिनों में और स्पष्ट होंगे.