राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे राज्य हरियाणा से बड़ी खबर सामने आई है. यहां तीन निर्दलीय विधायकों ने बीजेपी का साथ छोड़ दिया है, जिसके बाद सवाल उठने लगा है कि क्या इस राज्य में बीजेपी की सरकार गिर जाएगी. वहीं जानकारी मिली है कि इन विधायकों ने कांग्रेस को समर्थन दे दिया है.
हरियाणा में जिन 3 निर्दलीय विधायकों ने बीजेपी सरकार से समर्थन वापस लिया है, उनमें चरखी दादरी से विधायक सोमवीर सांगवान, नीलोखेड़ी से धर्मपाल गोंदर और पुंडरी से रणधीर गोलन शामिल हैं. इन तीनों विधायकों ने रोहतक में पूर्व सीएम और हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी में समर्थन का ऐलान किया है.
इसी बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुझे इस बारे में जानकारी मिली है. हो सकता है कि अब कांग्रेस कुछ लोगों की इच्छा की पूर्ति करने में लगी हो. कांग्रेस को जनता की इच्छाओं से कोई लेना-देना नहीं है.
ये है समीकरण...
बता दें कि 90 सदस्यों वाली हरियाणा विधानसभा में फिलहाल 88 विधायक हैं. पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर विधानसभा से इस्तीफा दे चुके हैं. उनके अलावा हिसार से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे रणजीत चौटाला भी विधायक पद से इस्तीफा दे चुके हैं. राज्य में बीजेपी के मौजूदा विधायकों की संख्या 40 है.
बीजेपी के पास हरियाणा में फिलहाल दो निर्दलीयों और एक हलोपा विधायक गोपाल कांडा का समर्थन है. बात विपक्षी की करें तो राज्य में कांग्रेस के 30, जजपा के 10 विधायकों सहित विपक्ष के कुल विधायकों की संख्या 45 है. ऐसे में यहां बीजेपी की सरकार अल्पमत में आ गई है.