Sejalben Gohil: गुजरात के भावनगर में एक नाटकीय राजनीतिक पलटी देखने को मिली, जिसमें भाजपा की एक महिला पार्षद ने कांग्रेस जॉइन की और फिर कुछ ही घंटों के अंदर वापस भाजपा में लौट आई. इस घटना से दोनों पार्टियों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है. वडवा (बी) वार्ड की पूर्व पार्षद सेजलबेन गोहिल ने दिन में पहले कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सार्वजनिक रूप से पार्टी जॉइन की थी. लेकिन मात्र दो-तीन घंटे बाद उन्होंने घोषणा कर दी कि वह भाजपा में वापस लौट रही हैं. उन्होंने दावा किया कि उन्हें गुमराह किया गया था और उन्होंने अपनी गलती समझ ली है.
कांग्रेस की प्रेस मीट में हुआ ड्रामेटिक स्विच
यह घटनाक्रम भावनगर नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुआ, जिसमें पार्टी ने अपने सार्वजनिक वादे भी घोषित किए थे. इस कार्यक्रम में सेजलबेन गोहिल ने औपचारिक रूप से कांग्रेस जॉइन कर लिया, जिसे भाजपा के लिए झटका बताया जा रहा था. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने भाजपा छोड़ने का कारण महिलाओं की सुरक्षा बताया.
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और उनके वार्ड में शराब माफिया से उन्हें धमकियाँ मिल रही थीं. उन्होंने कहा, “एक निर्वाचित प्रतिनिधि होने के बावजूद मुझे सुरक्षा या समर्थन नहीं मिला. अगर एक चुनी हुई जनप्रतिनिधि सुरक्षित नहीं है, तो आम महिलाओं का क्या हाल होगा?”
आरोप लगाए, फिर तुरंत वापसी
कांग्रेस जॉइन करने के कुछ घंटों के अंदर ही गोहिल ने अपना फैसला पलट दिया और भाजपा में वापस लौट आईं. वापसी के समय उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर उन्हें गुमराह करने और बयान देने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मुझे गुमराह किया गया था. मैं अपनी गलती समझ गई हूँ और अपने घर (भाजपा) वापस लौट आई हूं.
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लुभाया गया था और बाद में धोखा महसूस हुआ. उनकी इस अचानक यू-टर्न ने कांग्रेस की उस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर फिर से सवाल खड़े कर दिए और उनके संक्षिप्त स्विच के परिस्थितियों पर सवाल उठाए.
कांग्रेस का आरोपों से इनकार
भावनगर शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनहरसिंह गोहिल ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि सेजलबेन गोहिल खुद उनके पास आई थीं और उन्हें किसी तरह का दबाव नहीं डाला गया था. उन्होंने कहा कि वे अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस कार्यालय आई थीं और उन्होंने पार्टी जॉइन करने की इच्छा जताई.
हमने साफ कहा था कि कोई शर्त नहीं है और न ही कोई ऑफर है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी मर्जी से बयान दिया. उन्होंने यह भी इनकार किया कि किसी कांग्रेस नेता ने उन्हें कोई बयान देने के लिए सिखाया या दबाव डाला था.
विपक्ष के लिए राजनीतिक शर्मिंदगी
कुछ ही घंटों में दो बार पार्टी बदलने वाली इस घटना ने भावनगर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, खासकर नगर निकाय चुनाव से पहले. जबकि कांग्रेस ने शुरू में उनके शामिल होने को अपना फायदा बताया था, लेकिन तेजी से हुई वापसी ने भाजपा को पलटवार का मौका दे दिया, जिससे विपक्षी पार्टी के लिए यह घटना शर्मिंदगी का विषय बन गई.