Yogi Adityanath and Bengal Elections: जिन योगी आदित्यनाथ की बंगाल में भारी डिमांड है, उन्हें अब तक पश्चिम बंगाल चुनाव से दूर क्यों रखा गया है, जहां बीजेपी जीत के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, पीएम मोदी से लेकर अमित शाह तक खुद मोर्चा संभाले हुए हैं, वहां अब तक योगी आदित्यनाथ को क्यों नहीं भेजा गया है, इसकी सीक्रेट रणनीति क्या है, जिसने टीएमसी में नई टेंशन पैदा कर दी है, इसे समझने के लिए साल 2021 में हुए बंगाल चुनाव में योगी का स्ट्राइक रेट देखना होगा.
क्योंकि साल 2016 के चुनाव में बीजेपी ने वहां सिर्फ 3 सीटें जीती थीं, लेकिन 2021 के चुनाव में जब मोदी-योगी ने मोर्चा संभाला तो ये सीटें बढ़कर 77 पहुंच गई, और इस बार भी योगी की डिमांड बंगाल में हाई है. यही वजह है कि बीजेपी ने तीन दिन पहले स्टार प्रचारकों की जो लिस्ट बनाई, उसमें योगी आदित्यनाथ का नाम टॉप 10 में रखा गया है, और वहां के बीजेपी कार्यकर्ताओं को ये उम्मीद है कि योगी इस बार कोई नया नारा देकर गेम पलट सकते हैं, पिछले चुनाव में योगी ने 2 मई दीदी गई का नारा दिया था.
ऐसे में इस बार योगी आदित्यनाथ 4 मई दीदी गई का नारा दे सकते हैं, क्योंकि 4 मई को वहां काउंटिंग है, इसके अलावा संदेशखाली का बदला, घुसपैठियों पर बुलड़ोजर मॉडल, और दुर्गा पूजा पर पाबंदी जैसे मुद्दों का जिक्र कर योगी अपने हिंदुत्ववादी छवि को धार दे सकते हैं...चूंकि इससे पहले हुए बिहार चुनाव में योगी आदित्यनाथ ने हिंदुत्व के मुद्दे पर ऐसी अलख जगाई थी कि उनका स्ट्राइक रेट 80 फीसदी से भी ज्यादा था, उन्होंने जिन सीटों पर रैलियां की, उसमें से ज्यादातर पर एनडीए को जीत हासिल हुई थी, इसीलिए इस बार बंगाल में भी योगी से बीजेपी को काफी उम्मीदें हैं...लेकिन ममता बनर्जी चूंकि पिछले चुनाव में बाजी मार ले गईं थीं इसलिए बीजेपी इस बार फूंक-फूंककर कदम रख रही है, चुनावी चाणक्य अमित शाह की रणनीति ये साफ इशारा कर रही है कि जिस भाषा में टीएमसी समझेगी उसे वैसे ही समझाया जाएगा...
जानकार कहते हैं कि 23 अप्रैल को पहले चरण का चुनाव विकास और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर बीजेपी फोकस कर रही, इसके लिए मोर्चा खुद पीएम मोदी संभाल रहे हैं. उसके बाद दूसरे चरण में जब चुनाव आक्रमक मोड में होगा, तो योगी को उतारकर हिंदुत्व, अवैध घुसपैठ और यूपी मॉडल की चर्चा बंगाल में गूंजेगी. इस बार बंगाल में योगी आदित्यनाथ की करीब 8-10 रैलियां हो सकती है, वो बंटोगे तो कटोगे नारे का नया वर्जन भी लॉन्च कर सकते हैं.
दो चरणों में चुनाव से टीएमसी जहां नाराज हैं, तो वहीं बीजेपी इसे अलग नजरिए से देख रही है, तभी तो पीएम मोदी वहां की जनता को 6 गारंटी देकर कहते हैं इस बार बंगाल से दीदी की विदाई तय है. फैसला वहां की जनता को करना है कि वो किसे चुनती है, इस बार बदलाव की बयार बहेगी या फिर ममता की कुर्सी बचेगी, ये 4 मई को तय होगा. और उसी दिन असम, पुडुचेरी, केरल की किस्मत का भी फैसला होगा, जहां वोटिंग का पहला चरण पूरा हो चुका है. जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग है..और हर जगह सीएम योगी की रैली की डिमांड हाई रही है...