Viral News: मध्य प्रदेश के सीहोर में एक विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान भक्तों ने लगभग 11,000 लीटर दूध का उपयोग करके एक भव्य अभिषेक अनुष्ठान किया, जिससे मंदिर परिसर भक्ति और भव्यता का अद्भुत दृश्य बन गया. यह घटना बेरुंदा क्षेत्र के सतदेव स्थित पातालेश्वर महादेव मंदिर में हुई, जहां 21 दिनों तक चले महायज्ञ का समापन मां नर्मदा के औपचारिक अभिषेक के साथ हुआ. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिखाया गया है कि एक दूध टैंकर से बड़ी मात्रा में दूध को अनुष्ठान के रूप में डाला जा रहा है, जबकि बड़ी संख्या में भक्त वहां मंत्रोच्चारण कर रहे थे और अनुष्ठान में भाग ले रहे थे.
????SHOCKING | People offer 11,000 litres of milk to the Narmada River
— The Tatva (@thetatvaindia) April 9, 2026
This milk would cost roughly ₹5.5 lakh to ₹7.7 lakh! pic.twitter.com/jFz5TTK3BH
यह अभिषेक पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया, जिसमें पुजारी और भक्त गहरी भक्ति के वातावरण में पूजा-अनुष्ठान कर रहे थे. दूध की धाराएं बहते हुए, भक्तों की भीड़, और रोशनी से सजे मंदिर के दृश्य सोशल मीडिया पर फैल गए, जिन्होंने लोगों में एक ओर तो आश्चर्य और भक्ति जगाई, वहीं दूसरी ओर बहस भी छेड़ दी.
18 मार्च से शुरू हुए इस 21 दिवसीय आयोजन में प्रतिदिन महाहवन किया गया, जिसमें रोजाना लगभग 21 क्विंटल हवन सामग्री का उपयोग हुआ. पूरे कार्यक्रम के दौरान कुल मिलाकर लगभग 41 टन हवन सामग्री का उपयोग किया गया. इसके अलावा स्वर्ण और रजत की आहुतियां भी पवित्र अग्नि में दी गईं. भक्तों ने बड़ी संख्या में नारियल चढ़ाकर पुण्य प्राप्त किया, जबकि कार्यक्रम का समापन एक बड़े भंडारे के साथ हुआ, जिसमें हजारों लोगों को प्रसाद वितरित किया गया.
सतदेव क्षेत्र धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है और इसे सप्तऋषियों की तपोभूमि माना जाता है. स्थानीय मान्यता के अनुसार, सातों ऋषियों ने यहाँ कठोर तपस्या की थी, जिसके बाद भगवान शिव पातालेश्वर महादेव के रूप में प्रकट हुए.
इस स्थान का ऐतिहासिक महत्व भी है, क्योंकि अहिल्याबाई होलकर के शासनकाल में भी यहां संरक्षण प्राप्त था, जो इसे एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र बनाता है. संत शिवानंद महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में भव्य प्रबंध किए गए थे, जिसमें 5 एकड़ में फैला विशाल पंडाल, सजावटी लाइटिंग और निरंतर मंत्रोच्चारण शामिल था.