जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बंपर वोटिंग हुई है. वैसे पहले से अनुमान जताया जा रहा था कि अनुच्छेद 370 के हटने के बाद बदले हुए हालातों के कारण भारी मतदान होने वाला है. चुनाव आयोग से जारी रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को हुए विधानसभा चुनाव के पहले चरण में शाम 5 बजे तक 58.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. किश्तवाड़ में सबसे अधिक 77.23 प्रतिशत, डोडा में 69.33 प्रतिशत, रामबन (67.71 प्रतिशत), कुलगाम (59.62 प्रतिशत), शोपियां (53.64 प्रतिशत) और अनंतनाग (54.17 प्रतिशत) मतदान हुआ. वहीं पुलवामा में सबसे कम 43.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया.
पहले चरण में जम्मू और कश्मीर की चौबीस विधानसभा सीटों पर शांति पूर्ण तरीके से मतदान हुआ. इनमें कश्मीर क्षेत्र की 16 और जम्मू क्षेत्र की आठ सीटों पर वोट डाले गए. बता दें कि प्रदेश में दूसरे और तीसरे चरण के लिए मतदान क्रमश: 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को होगा और हरियाणा के साथ वोटों की गिनती 8 अक्टूबर को होगी.
पहले चरण कई राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है. नेशनल कांग्रेस (NC) और कांग्रेस ने गठबंधन किया है, हालांकि कुछ सीटों पर उनके बीच दोस्ताना मुकाबला भी है. अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में यह पहला चुनाव है. नेताओं ने अपने पार्टी उम्मीदवारों की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए जोरदार प्रचार किया है. इंजीनियर राशिद के नाम से मशहूर शेख अब्दुल राशिद को दिल्ली की एक अदालत से अंतरिम जमानत मिलने से चुनाव में एक और आयाम जुड़ गया है, क्योंकि उनकी अवामी इत्तेहाद पार्टी भी चुनाव लड़ रही है.
राशिद ने निर्दलीय के तौर पर लोकसभा चुनाव लड़ा था और बारामुल्ला सीट से नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को हराया था. राशिद के जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी नेताओं ने भाजपा पर निशाना साधा है. वहीं कांग्रेस और एनसी राशित पर बीजेपी के एजेंट होने का आरोप लगा रही है.