नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर मंतर प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच शनिवार को सुप्रीम कोर्ट परिसर के पास करीब 50 से 60 वकीलों को हिरासत में ले लिया गया. इनमें सीनियर और महिला वकील भी शामिल थे. सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की, जिसके बाद वकीलों को रिहा कर दिया गया.
वकील सुप्रीम कोर्ट के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे. दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. SCBA अध्यक्ष प्रदीप राय ने इसे “अत्यंत चिंताजनक” बताया और तत्काल रिहाई की मांग की. उन्होंने न्यू दिल्ली के डीसीपी से बात की, जिन्होंने आश्वासन दिया कि वकीलों को तुरंत रिहा किया जाएगा. SCBA की मानद सचिव प्रज्ञा बाघेल ने CJI को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की अपील की. पत्र में कहा गया कि कई सीनियर और महिला वकीलों को अत्यधिक बल प्रयोग के साथ हिरासत में लिया गया.
एसोसिएशन ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बिना किसी कानूनी आधार वाले मामलों में रिहाई की मांग की. चीफ जस्टिस के हस्तक्षेप के बाद अधिकारियों को वकीलों को रिहा करने का निर्देश दिया गया. सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट देवव्रत ने इसकी पुष्टि की कि CJI ने रिहाई के आदेश दिए.
ये हिरासत CJP के प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में लागू निषेधात्मक आदेशों और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई. पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और शहर के कई हिस्सों में बैरिकेडिंग तथा निगरानी बढ़ा दी गई थी. वकीलों की रिहाई के बाद SCBA ने बल प्रयोग की जांच और उचित कार्रवाई की भी मांग की है.