कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार ने सरकारी योजनाओं में फर्जी लाभार्थियों पर सख्ती शुरू कर दी है. विशेष गहन समीक्षा (SIR) 2026 के दौरान मतदाता सूची से जिन 63 लाख लोगों के नाम काटे गए थे, अब उनके राशन कार्ड भी तुरंत रद्द कर दिए जाएंगे.
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने गुरुवार को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. सरकार का कहना है कि यह कदम राज्य के खजाने पर पड़ रहे भारी वित्तीय बोझ को कम करने और योजनाओं में हो रही धांधली-लीकेज को रोकने के लिए उठाया जा रहा है.
सत्यापन की प्रक्रिया
सभी एसडीओ और बीडीओ हटाए गए मतदाताओं की सूची खाद्य विभाग को सौंपेंगे. विभाग के अधिकारी घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे. पूरी प्रक्रिया 15 जून 2026 तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार को आशंका है कि टीएमसी शासनकाल में खाद्य साथी योजना और अन्य योजनाओं में बड़े पैमाने पर फर्जी लाभार्थी शामिल थे, जिससे सालाना 15,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का लीकेज हो रहा था.
इसके अलावा, पिछली लक्ष्मी भंडार योजना में भी करीब 30 लाख अपात्र महिलाओं को लाभ मिलने का संदेह है. नई अन्नपूर्णा योजना के तहत अब सरकार दो करोड़ महिलाओं को ₹3,000 प्रतिमाह देगी, जिस पर सालाना 72,000 करोड़ रुपए खर्च होंगे.
धान घोटाले की भी जांच
सरकार टीएमसी राज में हुए कथित धान खरीद घोटाले की भी गहन जांच करेगी, जहां कागजों पर लाखों टन धान की खरीद दिखाई गई, लेकिन वास्तविकता में घोटाला होने के संकेत मिले हैं. यह कार्रवाई राज्य में सरकारी योजनाओं को पारदर्शी बनाने और वास्तविक जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाने की दिशा में शुभेंदु अधिकारी सरकार का पहला बड़ा कदम माना जा रहा है.